जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने प्रशांत की याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने प्रशांत किशोर पर सख्त टिप्पणी भी की है। प्रशांत किशोर को बिहार चुनाव में करारी शिकस्त मिली थी। इस पर प्रशांत किशोर ने बिहार में दोबारा चुनाव कराने की मांग की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत किशोर पर सवाल उठाया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत किशोर की याचिका को खारिज कर दिया है।
बिहार में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए हैं। इसमें भाग लेने के लिए राजनीति सलाहकार के रूप में पहचाने जाने वाले प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी जन सुराज पार्टी बनाई थी। प्रशांत किशोर ने बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन किसी भी सीट पर चुनाव नहीं जीत पाए। इससे प्रशांत किशोर की काफी किरकिरी हुई थी। अपनी हार का ठीकरा प्रशांत किशोर ने चुनावी तरीकों पर लगाया।
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प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव गैर कानूनी तरीकों से हुई हैं। इसको लेकर प्रशांत किशोर सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गए। प्रशांत किशोर ने चुनाव रद्द करने की मांग की। प्रशांत किशोर की मांग है कि बिहार में दोबार चुनाव कराए जाएं। 6 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में मामले पर सुनवाई हुई। इस सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत किशोर पर सख्त टिप्पणी की है। मामले में सुनवाई करते हुए सीजेआई ने कहा कि आपकी पार्टी को कितने वोट मिले? जनता ने आपको नकार दिया है और फिर आप लोकप्रियता हासिल करने के लिए न्यायिक मंच का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बता दें कि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि चुनाव के दौरान बिहार सरकार ने गैरकानूनी तरीके अपनाए। राज्य में जब आदर्श आचार संहिता लागू थी तब महिला वोटरों को 10,000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।
हाई कोर्ट जाने की दी सलाह
जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आप हाईकोर्ट क्यों नहीं गए? क्या कारण है आप सीधे सुप्रीम कोर्ट आ गए? सुप्रीम कोर्ट ने जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुनवाई से इंकार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने को कहा।
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