लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर हुई वोटिंग में पक्ष में 278 और विरोध में 211 मत पड़े। कुल 489 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया, जिसके बाद इस महत्वपूर्ण विधेयक को सदन की मंजूरी मिल गई।
लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 पर मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो देश की भविष्य की राजनीति तय करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड का जिक्र किया। उन्होंने सदन को बताया कि इस ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक पर करीब 133 सदस्यों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें से 56 महिला सांसद थीं। अमित शाह के अनुसार, किसी एक विधेयक पर इतनी बड़ी संख्या में महिला सदस्यों की भागीदारी अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में सदन की गंभीरता को दर्शाता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में एससी (SC) और एसटी (ST) सीटों की संख्या में होने वाली बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं। शाह ने स्पष्ट किया कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से पिछड़े और वंचित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिलता है और इसे रोकने का प्रयास सामाजिक न्याय की राह में बाधा डालने जैसा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सदन में किसी ने भी सीधे तौर पर महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया है, लेकिन यदि गहराई से देखा जाए, तो ‘इंडी गठबंधन’ (INDI Alliance) के सभी सदस्यों ने ‘अगर-मगर’ और तरह-तरह की शर्तों का इस्तेमाल कर इस ऐतिहासिक कदम में अड़ंगा लगाने की कोशिश की है। शाह ने जोर देकर कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष केवल राजनीतिक किंतु-परंतु में उलझा हुआ है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर तंज कसा है। गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी सदन में जादूगर और अन्य विषयों की बातें कर रहे थे और फिर उन्होंने सशस्त्र बलों व बालाकोट का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री ने हमलावर लहजे में कहा कि वह राहुल गांधी को ‘जोकर’ या ‘जादूगर’ तो नहीं कह सकते, लेकिन उनका आचरण संसद के बजाय किसी थिएटर में अभिनय करने वाले व्यक्ति जैसा था।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में ‘एपस्टीन’ (Epstein) का जिक्र करने के बाद पैदा हुए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे एक ‘पहेली’ (Puzzle) करार देते हुए कहा कि वह इसका जवाब इतनी आसानी से नहीं देंगे। राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह एक पहेली है, मैं इसका जवाब ऐसे ही नहीं बताऊंगा। अगर मुझे इसका पूरा समाधान मिल गया, तो मैं आपको जरूर बताऊंगा कि असल बात क्या है।”
संसद में बोलते हुए लोकसभा के विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि संविधान से ऊपर मनुवाद, अमित शाह कहते हैं कि जाति जनगणना शुरू हो गई है। उन्होंने चालाकी दिखाने की कोशिश में दो बार दोहराया कि घरों की कोई जाति नहीं होती। मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए किया जाएगा या नहीं। और अब, आप जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह है कि जाति जनगणना का अगले 15 वर्षों के लिए प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि पहली सच्चाई तो यह है कि यह महिलाओं का विधेयक नहीं है। इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का एक प्रयास है।
राहुल गांधी ने कहा कि पहली सच्चाई तो यह है कि यह महिलाओं का विधेयक नहीं है। इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है। वास्तव में, यह एक शर्मनाक कृत्य है।
लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद के विशेष सत्र के दौरान भाषण दिया। राहुल गांधी ने कहा कि दादी ने मुझे डर का सामना करना सिखाया।
संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बोलना शुरू कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि हम सभी ने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है।
कहा कि महिलाएं हमारी राष्ट्रीय सोच की प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी अपने जीवन में महिलाओं से प्रभावित हुए हैं, उनसे बहुत कुछ सीखा है और उनसे बहुत कुछ जाना है।
संसद में इस समय नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर चर्चा चल रही है। कल रात भी एक बजे तक चर्चा चली है। जो भ्रम फैलाए गए, उनको दूर करने के लिए तर्कबद्ध जवाब दिया गया है। हर आशंका का समाधान किया गया है। जिन जानकारियों का अभाव था, वो जानकारियां भी हर सदस्य को दी गई हैं। किसी के मन में विरोध का जो कोई भी विषय था, उसका भी समाधान हुआ है।
महिला आरक्षण के इस विषय पर देश में चार दशक तक बहुत राजनीति कर ली गई है। अब समय है कि देश की आधी आबादी को उसके अधिकार अवश्य मिलें। आजादी के इतने दशकों बाद भी भारत की महिलाओं का निर्णय प्रक्रिया में इतना कम प्रतिनिधित्व रहे, ये ठीक नहीं।
अब कुछ ही देर लोकसभा में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं। अपील करता हूं।
कृपया करके सोच-विचार करके पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लें, महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें।
मैं देश की नारी शक्ति की तरफ से भी सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा। कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों।
देश की करोड़ों महिलाओं की दृष्टि हम सभी पर है, हमारी नीयत पर है, हमारे निर्णय पर है। कृपया करके नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का साथ दें।
दूसरे दिन की कार्यवाही के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लोकसभा पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम बिल को पास नहीं होने देंगे, हमारे पास संख्या बल है।
महिला आरक्षण विधेयक पर एलजेपी (राम विलास) सांसद शम्भावी चौधरी ने कहा कि इसे तेजी से पारित किया जा रहा है ताकि इसे 2029 तक लागू किया जा सके। यदि परिसीमन हो रहा है और परिसीमन के माध्यम से जमीनी स्तर पर सुशासन लागू किया जा रहा है, तो विपक्ष को इससे क्या समस्या है?
महिला आरक्षण पर बोलते हुए सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि महिला आरक्षण के पीछे परिसीमन का मुखौटा है। कहा कि 2024 से ही जनगणना क्यों कराई जा रही है। ढाई साल से सरकार इंतजार क्यों कर रही थी। कहा कि अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए।
लोकसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि महिलाओं के आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना, भारतीय महिलाओं की आकांक्षाओं को हमारे इतिहास के सबसे विवादास्पद राजनीतिक अभ्यासों में से एक का बंधक बना रहा है। भविष्य के परिसीमनों में, जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक महत्व दिया जाएगा। हमें यह पूछना चाहिए कि क्या हम यही संदेश देना चाहते हैं कि उत्कृष्ट शासन व्यवस्था राजनीतिक रूप से अप्रासंगिकता की ओर ले जाती है।
महिला आरक्षण विधेयक पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि 2023 का विधेयक, जिसे सभी विपक्षी दलों ने पारित किया था, पारित हो गया है। कल प्रियंका गांधी ने एक बहुत अच्छा प्रस्ताव दिया कि आरक्षण 543 सीटों के भीतर किया जाना चाहिए। उस अधिनियम में कहा गया है कि सीटों का वितरण जनसंख्या के आधार पर होगा।
राज्यसभा में हरिवंश नारायण सिंह के निर्विरोध उपसभापति चुने जाने पर बोलते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि सदन को आप पर कितना गहरा भरोसा है, पिछले कुछ समय में आपके अनुभव से सदन को कितना लाभ हुआ है, और आपने सभी को साथ लेकर चलने का कितना प्रयास किया है।
सरकार ने नारी शक्ति वंदन बिल 2023 को 16 अप्रैल 2026 को नोटिफाई कर दिया है। इसका मतलब ये हुआ कि महिला आरक्षण संशोधन बिल जो संख्या बढ़ाने के लिए और महिलाओं को 33फीसदी आरक्षण देने के लिए अगर आज लोकसभा से गिर जाता है तो पुराना 2023 का बिल बना रहेगा। ऐसा समझा जा रहा है कि इसीलिए कल रात को सरकार ने पुराने बिल को नोटिफाई किया है।
नया बिल गिरने की स्थिति में पुराने बिल के हिसाब से 543 पर 33 फीसदी आरक्षण मिलेगा, लेकिन इसके लिए परिसीमन और जनगणना का इंतजात करना होगा। फिलहाल महिला आरक्षण बिल ठंडे बस्ते में।
Parliament Special Session: संसद में इस समय विशेष सत्र चल रहा है। आज सत्र का दूसरा दिन है। बीती देर रात महिला आरक्षण बिल के लिए केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बता दें कि 16-18 अप्रैल के विशेष सत्र में केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण से जुड़े 3 संशोधन विधेयक पेश किए। इसका उद्देश्य 2029 लोकसभा चुनाव से महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करना है। 2029 से लोकसभा और सभी विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित। यानी लोकसभा की 273 सीटें महिलाओं को मिलेंगी। ये आरक्षण 15 साल यानी 2029, 2034, 2039 चुनाव तक रहेगा। SC/ST महिलाओं के लिए भी कोटा होगा और सीटें रोटेशन से बदलेंगी।
लोकसभा में कैसे सीटें बढ़ेंगी
कुल सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव। इसमें राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें होंगी। सीटों का अंतिम बंटवारा परिसीमन आयोग करेगा। आधार 2011 की जनगणना को बनाया जा सकता है। सरकार का दावा है कि सभी राज्यों की सीटें करीब 50% बढ़ेंगी, किसी की घटेंगी नहीं। जैसे तमिलनाडु 39 से 59 और केरल 20 से 30 हो सकती है।
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क्यों हो रहा विवाद?
विपक्ष ने परिसीमन पर विरोध किया। दक्षिण राज्यों- तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना को डर है कि जनसंख्या नियंत्रण के बावजूद 2011 जनगणना आधार से उनकी सीटें कम पड़ जाएंगी। सपा ने मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग कोटे की मांग की। कांग्रेस ने इसे "लोकतंत्र खत्म कर तानाशाही" बताया।
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क्या बोली सरकार?
PM मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा दक्षिण राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी। PM ने कहा ये महिला सशक्तिकरण है। 17 अप्रैल लोकसभा में 18 घंटे बहस फिर वोटिंग। 18 अप्रैल को राज्यसभा में चर्चा। आज शाम 4 बजे वोटिंग संभव है।
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