हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब, सेना के SSG का पूर्व कमांडो था मारा गया लश्कर आतंकवादी हाशिम मूसा

आसिफ ‘फौजी’ और ‘सुलेमान शाह’ जैसे उपनामों का भी इस्तेमाल करता था. आसिफ 2021 में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आया था और वह इस क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य अभियान कमांडर के रूप में काम कर रहा था.

विज्ञापन
आसिफ ‘फौजी’ और ‘सुलेमान शाह’ जैसे नामों से था मशहूर. (Photo: ANI)

मध्य कश्मीर में बडगाम जिले के ऊंचाई वाले इलाके में मुठभेड़ में मारा गया प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकवादी पाकिस्तान सेना के ‘विशेष सेवा समूह’ (SSG) का सेवानिवृत्त हवलदार था और वह पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के सुरक्षा काफिले में भी तैनात रहा था. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मंगलवार देर रात कोराग, यूसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में सेना और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में मार गिराया गया.

कई हमलों में शामिल था ये पाकिस्तानी आतंकवादी

पाकिस्तानी आतंकवादी कई हमलों में शामिल था, खासकर पिछले तीन वर्षों में, जब सैन्यकर्मियों और असैन्य ठिकानों दोनों को निशाना बनाकर घात लगाकर किए गए हमलों में वृद्धि देखी गई. यह सिलसिला 2023 की शुरुआत में पीर पंजाल क्षेत्र से शुरू हुआ था और अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के साथ समाप्त हुआ, जिसमें आरोपी ने उस आतंकवादी हमले की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाई थी. पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी.

यह भी पढ़ें: भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास आतंकी हमला, असम राइफल्स का एक जवान शहीद, 4 घायल

विज्ञापन

‘फौजी’ और ‘सुलेमान शाह’ के नाम से मशहूर

आसिफ ‘फौजी’ और ‘सुलेमान शाह’ जैसे उपनामों का भी इस्तेमाल करता था. आसिफ 2021 में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आया था और वह इस क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य अभियान कमांडर के रूप में काम कर रहा था. पाकिस्तानी सेना में अपनी 23 साल के कार्यकाल के दौरान आसिफ ने 18 साल एसएसजी में बिताए. वर्ष 2006 से 2008 के बीच उसे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सुरक्षा टीम में प्रतिनियुक्त किया गया था. अपनी सेवा के दौरान उसने अमेरिका में विशेष वीवीआईपी सुरक्षा प्रशिक्षण लिया और अमेरिकी विशेष बलों के साथ चिकित्सा पाठ्यक्रम भी पूरे किए.

लश्कर-ए-तैयबा के अभियानों का लीडर

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद आसिफ को आतंकी नेटवर्क ने पहले आतंकी सदस्यों को प्रशिक्षण देने के लिए चुना और बाद में लश्कर-ए-तैयबा के अभियानों का नेतृत्व करने के लिए जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराई गई. अधिकारियों ने कहा कि सितंबर में बडगाम, उधमपुर और डोडा जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में चलाए गए अलग-अलग अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए पाकिस्तानी आतंकवादियों में आसिफ पांचवां था. उन्होंने कहा कि इससे घाटी में आतंकी ढांचे को बड़ा झटका लगा है.

विज्ञापन

उसके करीबी सहयोगी यासिर को पांच सितंबर को यूसमर्ग के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था जबकि आसिफ भाग निकलने में सफल रहा था. वहीं जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के दो आतंकवादी सद्दाम और मुस्तफा को 17 सितंबर को उधमपुर के मजालता जंगलों में मार गिराया गया था. जैश-ए-मोहम्मद के एक अन्य कमांडर का शव 12 सितंबर को डोडा जिले के सेओजधार जंगल से बरामद किया गया था.

यह भी पढ़ें: जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़, लश्कर का खूंखार आतंकी मूसा ढेर; कई बड़ी वारदातों में था वांछित

विज्ञापन

मंगलवार के अभियान के बारे में सेना की चिनार कोर ने कहा कि सतर्क सैनिकों ने इलाके में संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसमें आसिफ मारा गया. सेना ने आज सुबह ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जारी अभियान के तहत, तड़के जनरल एरिया पालमेदान में तलाशी के दौरान पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव बरामद किया गया. अभियान जारी है.’’ अधिकारियों ने इस अभियान को बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि आसिफ सुरक्षा बलों के जवानों और नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए 12 से अधिक हमलों में शामिल था.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola