पहलगाम आतंकी हमले की आज पहली बरसी है, लेकिन उस मनहूस दिन को आज भी कोई भूल नहीं पाया है। आज आतंकी हमले की पहली बरसी पर उन सभी लोगों के जख्म ताजा हो गए, जिन्होंने अपनों को आतंकियों की नफरत की भेंट चढ़ते देखा। जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत और हसीन वादियों में हंसते-खिलखाते एन्जॉय करते लोगों में जब चीख पुकार मची तो पूरी दुनिया दहल गई थी। किसी ने सुहाग खोया तो किसी ने बेटा खोया। किसी ने मां-बाप को खोया तो किसी से जीवनसाथी छूटा।
मांओं-पत्नियों की चीखें सुनकर कलेजा फटा
धरती खून से लाल हुई, 26 लाशों को देखकर फूट-फूट कर रोई। कोख और मांग का सुहाग उजड़ने के दर्द से तड़पती मांओं और पत्नियों चीखों से भारत मां का कलेजा फट गया। भारतीयों का कलेजा मुंह को आ गया। लोगों के दिलों में खून का बदला खून से लेने की ज्वाला भड़की, जैसे अंग्रेजों से बदला लेने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों के सीने में धधकती थी। प्रधानमंत्री मोदी ने दुश्मन को जमीन में गाढ़ देने का प्रण लिया। दुश्मन के घर में घुसकर 26 मौतों का बदला लेने का आदेश दिया
नाम-धर्म पूछकर हिंदुओं को मारी गोलियां
एक साल पहले 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में छुट्टियां मनाने आए भारतीय पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ था। 4 से 5 भारतीय आर्मी की वर्दी पहने हथियारों लैस आतंकियों ने नाम पूछ-पूछकर, धर्म पूछ-पूछ कर 25 भारतीयों को गोलियां मार दी थीं। एक टूरिस्ट गाइड आतंकियों का विरोध करते हुए मारा गया। भारत का मिनी स्विट्जरलैंड गोलियों का आवाजों और भारतीयों की चीख पुकार से गूंज रहा था। सेना के पहुंचने से पहले आतंकी हमला काम करके जा चुके थे।
AK-47 बंदूक से दनादन गोलियां बरसाईं
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 22 अप्रैल की सुबह बैसरन घाटी में मौसम सुहाना था। बच्चे खेल रहे थे, नवविवाहित जोड़े फोटोशूट कर रहे थे। इस बीच कुछ लोग घाटी से सटे जंगलों से निकलकर आए और एक गोली चलाई। पहले तो किसी को कुछ समझ नहीं आया कि क्या हुआ? फिर दनादन गोलियां चलती गईं और चीख पुकार मचती गई। AK-47 बंदूक से दनादन गोलियां निकल रही थीं। लोग अपने बच्चों को सीने से चिपकाए इधर उधर भाग रहे थे। फिर वे नाम पूछते गए और गोली मारते गए।
पहलगाम में ही क्यों किया गया हमला?
गुलमर्ग और पहलगाम लोगों के पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस हैं। पहलगाम से तो अमरनाथ की गुफा तक जाने का रास्ता भी है। लेकिन आतंकियों ने इस शहर को ही अपना निशाना इसलिए बनाया, क्योंकि यहां हजारों टूरिस्टों का आना-जान लगा रहता है। वहीं इस शहर को पूरी दुनिया जानती है, इसलिए यहां से निकलने वाली गूंज पूरी दुनिया तक सुनाई देगी। इस शहर में हमला करके दुश्मनों ने साबित कर दिया था कि भारत का हर शहर और हर कोना उनकी जद में हैं, वे कहीं भी तबाही मचा सकते हैं।
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