भारतीय क्लोदिंग इंडस्ट्री के दिग्गज और रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण डॉ. विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में निधन हो गया. 87 वर्षीय सिंघानिया ने जीवनपर्यंत कड़ी मेहनत से रेमंड लिमिटेड को शिखर पर पहुंचाया. विजयपत सिंघानिया के निधन की जानकारी उनके बेटे और वर्तमान के चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने एक्स पर अपने पिता को श्रद्धांजलि देते हुए साझा की. उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'RIP ओम शांति.
रेमंड को दिलाई वैश्विक पहचान
सिंघानिया ने 1980 से 2015 तक रेमंड को वैश्विक पहचान दिलाई. उनके नेतृत्व में कंपनी ने 'कम्प्लीट मैन' ब्रांड स्थापित किया, प्रीमियम सूटिंग फैब्रिक से लेकर डेनिम, सीमेंट और स्टील तक विविधीकरण किया. ओमान में पहला विदेशी शोरूम खोलकर उन्होंने भारतीय टेक्सटाइल को अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाया. एक कुशल विमान चालक के रूप में लंदन से अकेले उड़ान भरने सहित अनेक विश्व रिकॉर्ड उनके नाम रहे.
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रविवार को होगा अंतिम संस्कार
कंपनी के प्रवक्ता ने बताया, 'पद्म भूषण से सम्मानित, रेमंड के पूर्व चेयरमैन एवं बॉम्बे के पूर्व शेरिफ विजयपत सिंघानिया का आज शाम शांतिपूर्वक निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार 29 मार्च 2026 को होगा. हम सब गहन शोक में हैं और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं.' सिंघानिया परिवार की यह विरासत कानपुर के औद्योगिक परिवेश से निकली. चाचा जीके सिंघानिया द्वारा स्थापित रेमंड को उन्होंने 12,000 करोड़ का साम्राज्य बनाया.
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उनके नाम दर्ज था वर्ल्ड रिकॉर्ड
बिजनेस के अलावा विजयपत सिंघानिया एविएशन के क्षेत्र में भी काफी मशहूर थे. 26 नवंबर 2005 को डॉ. विजयपत सिंघानिया ने गर्म हवा के गुब्बारे से सबसे ऊंची उड़ान भरकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया. मुंबई से प्रस्थित होकर उन्होंने कैमरॉन जेड-1600 गुब्बारे में कई घंटों की साहसिक यात्रा पूरी की और 21,027 मीटर (68,986 फीट) की अभूतपूर्व ऊंचाई हासिल की. इससे पूर्व का रिकॉर्ड 64,997 फीट का था, जिसे उन्होंने ध्वस्त कर दिया. 67 वर्ष की आयु में यह साहसिक उपलब्धि गिनीज बुक में दर्ज हो गई.