IAF contingent participated in the Red Flag 2024 Exercise at Eielson Air Force Base
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पवन मिश्रा, नई दिल्ली
कारगिल युद्ध... इस युद्ध ने भारतीय सेना को पूरी तरह से बदलकर रख दिया था। क्योंकि पहाड़ों की लड़ाई में थल सेना के पास कोई अनुभव नहीं था। लेकिन इसके बावजूद टाइगर हिल्स से लगातार दुश्मन की तरफ से की जा रही फायरिंग का वह ताबड़तोड़ जवाब दे रही थी। इस युद्ध में भारतीय वायु सेना ने भी अपना पूरा दम खम दिखाया था। नतीजा यह हुआ था कि चौथे युद्ध का ऐलान तो पाकिस्तान ने कर दिया था लेकिन एक बार फिर से युद्ध को खत्म भारतीय सेना ने ही किया।
इस युद्ध के बाद से भारतीय वायु सेना को ज्यादा से ज्यादा मजबूत करने के लिए कई कदम भारत की रक्षा मंत्रालय के तरफ से लिए जाने लगे। इसी का नतीजा है कि आज एयर फोर्स के बेड़े में एक से बढ़कर एक उन्नत किस्म के फाइटर विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हैं। वायुसेना की मजबूती के लिए मित्र देशों के साथ युद्धाभ्यास भी किया जा रहा है। इसी के तहत एयर फोर्स पाकिस्तान बॉर्डर के पास जोधपुर में सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'ऑपरेशन तरंग शक्ति' आयोजित करने जा रही है।
यह युद्धाभ्यास स्वंतत्रता दिवस से पहले किया जाएगा। जोधपुर में भारतीय वायु सेना के साथ करीब 12 देशों की वायु सेनाएं भी इसमें हिस्सा लेंगी। वायु सेना के प्रवक्ता आशीष मांगे ने न्यूज24 से इस युद्धाभ्यास को लेकर बात करते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास होने जा रहा है। खास बात यह भी है कि पहली बार हो रहे ऐसे युद्धाभ्यास में अग्निवीर जवानों को भी शामिल किया जाएगा। दुनिया के सबसे ताकतवर फाइटर जेट और सैन्य विमानों की शक्ति इसमें दिखेगी।
अमेरिका के 'रेड फ्लैग वॉर गेम' को देगा टक्कर
ऑपरेशन तरंग शक्ति में अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, यूएई और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों की की वायु सेनाओं के फाइटर जेट शामिल होंगे। इस युद्धाभ्यास में दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेना के जांबाज फाइटर बंबर और स्ट्रैटेजिक लिफ्ट विमान को भी शामिल किया जा रहा है। वायु सेना के सूत्रों के मुताबिक यह अभ्यास दो फेज में होगा। शुरुआत जुलाई के आखिरी सप्ताह में दक्षिण भारत के एयरबेस से होगी। वहीं, दूसरा चरण जोधपुर में किया जाएगा।
अगस्त के मध्य से सितंबर के मध्य तक यह जोधपुर में होगा। युद्धाभ्यास में 12 देशों को बुलाया गया है। इस युद्धाभ्यास में पहली बार स्पेन और यूएई के वायु सैनिक भी हिस्सा लेने जा रहे हैं। एयर फोर्स सूत्रों के मुताबिक यह अभ्यास अमेरिका के 'रेड फ्लैग वॉर गेम' के लेवल का होने जा रहा है। रेड फ्लैग वॉर गेम जून 2023 में हुआ था। इसमें इंडियन एयर फोर्स ने राफेल फाइटर विमान के साथ हिस्सा लिया था। अब भारत अपना पहला मल्टीनेशनल एयरफोर्स अभ्यास करने जा रहा है।