Operation Sindoor: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आंतकी हमले के बाद से देश की कई स्त्रियों का सिंदूर उजड़ गया था। 6 दिन पहले शादी के बंधन में बंधने वाली विनय नरवाल हो या फिर शुभम द्विवेदी। कई महिलाओं ने अपना सिंदूर उस दिन खोया था। उसका बदला ले लिया गया है। देर रात भारत ने पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद MEA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे ऑपरेशन को सफलता के बारे में बताया। प्रेस वार्ता में विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल थी। दोनों महिला अधिकारियों ने ऑपरेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी?
कर्नल सोफिया कुरैशी गुजरात की रहने वाली हैं। उनका जन्म गुजरात के वडोदरा में साल 1981 में हुआ था। बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने साल 1999 में इंडियन आर्मी जॉइन की। कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि सोफिया की दादी भी भारतीय सेना की हिस्सा रह चुकी हैं। वहीं, उनके पिता शिक्षक थे, जिन्होंने कुछ साल शिक्षा और बाकी का समय मजहबी शिक्षा में सेवा प्रदान की थी। सोफिया को धैर्य और प्रगति का प्रतीक मानी जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुणे में आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास-एक्सरसाइज-18 में भारतीय सेना की टुकड़ी को संभालने वाली पहली महिला अधिकारी हैं।
35 वर्षीय सोफिया को फिलहाल भारतीय सेना में कर्नल के तौर पर सेवा दे रही हैं। बता दें कि सोफिया को संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारत की ओर से भेजे गए दल की कमान भी सौंपी गई थी। कर्नल उन कुछ प्रशिक्षकों में शामिल रही हैं, जिन्हें ऐसे महत्वपूर्ण दायित्वों के लिए चुना गया था। सोफिया की शादी भी मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री के सेना के अधिकारी से हुई हैं।
विंग कमांडर व्योमिका कौन?
विंग कमांडर व्योमिका वायु सेना में सेवाएं प्रदान कर रही हैं। उन्होंने NCC में शामिल होकर अपना लक्ष्य हासिल किया था। व्योमिका ने इंजीनियरिंग भी की है। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक और महिला की खूब चर्चा हुई, जो व्योमिका सिंह थीं। बता दें कि व्योमिका देश में कई बड़े राहत और बचाव के कार्यों में लीड कर चुकी हैं। साल 2020 के नवंबर में अरुणाचल प्रदेश में आई आपदा में व्योमिका ने कई लोगों की जान बचाई थी। व्योमिका तीनों सेनाओं की ऑल वुमेन माउंटेन एक्सपीडिशन का हिस्सा भी रही हैं।
व्योमिका को हाई ऑल्टीट्यूड फ्लाइंग जोन में भी उड़ान भरने का प्रशिक्षण प्राप्त है। वे दिग्गज हेलिकॉप्टर पायलट हैं, जिन्होंने करीब ढाई हजार घंटों तक ऊंचाई पर उड़ान भरी है। व्योमिका अपने परिवार की पहली भारतीय सेना में सेवा देने वाली विंग कमांडर हैं।
महिलाओं का चयन क्यों?
महिला अधिकारियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए चुनने का निर्णय उनके असाधारण सैन्य प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमताओं को मान्यता देने के लिए था। उदाहरण के लिए, लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका ने अपनी-अपनी शाखाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पहलगाम आतंकी हमले में अधिकतर विवाहित स्त्रियों ने अपनी आंखों के सामने अपने सुहाग को उजड़ते देखा। ऐसे में महिलाओं का चयन इस बात का संदेश भी देता है कि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं का योगदान किसी से कम नहीं।