क्या है किराना हिल्स? पाकिस्तान में मौजूद खास ठिकाना, भारत ने हमले पर साफ की तस्वीर

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के बाद तीनों सेना के प्रमुख इस पूरे ऑपरेशन की एक-एक जानकारी मीडिया से साझा कर रहे हैं। सोमवार को भी सेना प्रमुख ने एक ऐसी जानकारी मीडिया से साझा की है जिसे सुनने के बाद लोग गूगल पर पाकिस्तान के इस ठिकाने को सर्च कर रहे हैं।

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पाकिस्तान का न्यूक्लियर ठिकाना किराना हिल्स

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Operation Sindoor: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के किराना हिल्स चर्चा में है। ये पाकिस्तान का न्यूक्लियर ठिकाना है। सोमवार को भारतीय सेना प्रमुख ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर हमला नहीं किया है। बस इसके बाद से ही लोग गूगल पर किराना हिल्स को खोज रहे हैं। लोग जानने चाहते हैं कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का अड्डा दिखता कैसा है।

सरगोधा एयरबेस के पास है किराना हिल्स

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का एक परमाणु ठिकाना सरगोधा के किराना हिल्स पर स्थित है। किराना हिल्स में अंडरग्राउंड फैसिलिटी सरगौधा एयरबेस से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है। करीब 70 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैले इस पूरे इलाके में पाकिस्तानी सरकार का कब्जा है। ये इलाका किसी भी तरह से संकट से पूरी तरह से सुरक्षित माना जाता है। इस ठिकाने से सड़क, रेल और एयर ट्रांसपोर्ट सीधे तौर से जुड़ा हुआ है।

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अमेरिकी सैटेलाइट ने खोजी थी यह जगह

बताया जाता है कि अमेरिकी सैटेलाइट ने 1990 के आसपास पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे न्यूक्लियर टेस्ट की तैयारियों को पकड़ा था। हालांकि अमेरिका के ऐतराज के बाद ये टेस्ट रद्द कर दिया गया था, लेकिन आज भी आशंका जताई जाती है कि पाकिस्तान ने परमाणु हथियार किराना हिल्स में ही छुपाकर रखा हुआ है।

सरगोधा एयरबेस में TEL गैरेज होने की अफवाह

सरगोधा गैरिसन में बड़े युद्ध सामग्री भंडारण डिपो में लंबे समय से TEL (Transporter Erector Launcher) गैरेज होने की अफवाह है। ये 1990 के दशक के मध्य से है। बताया जाता है कि जब पाकिस्तान ने पहली बार चीन से M-11 मिसाइलें (DF-11 या CSS-7) हासिल की थीं, जिनका इस्तेमाल अब पाकिस्तान की गजनवी और शाहीन-1 शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों के रूप में जाना जाता है।

किराना हिल्स में कई अंडरग्राउंड स्ट्रक्चर

Federation of American Scientists (FAS) की रिपोर्ट के मुताबिक, सरगोधा और किराना हिल्स में कई अंडरग्राउंड स्ट्रक्चर हैं। यहां अब बुनियादी ढांचे को भी जोड़ा जा रहा है। यहां दो बड़ी इमारत भी मौजूद हैं। बताया जाता है कि इन इमारतों से इस पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जाती है। संभावना जताई जाती है कि यहां मिसाइल हैंडलिंग हॉल भी हो सकते हैं। इसके अलावा यहां कई सुरंगों का भी निर्माण कार्य चल रहा है।

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लेखक के बारे में

Md Junaid Akhtar

Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।
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