पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ ने मचाई तबाही, 50 से अधिक लोगों की मौत; 11 जिलों में लाखों लोग प्रभावित

Ramal Cyclone Devastation Update: पूर्वोत्तर भारत में रेमल चक्रवात के कारण आई बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बाढ़ के कारण असम, मिजोरम और मणिपुर में हालात बिगड़ चुके हैं। हजारों लोग शरणार्थी शिविरों में हैं। वहीं, 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यहां सभी नदियां उफान पर चल रही हैं।

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पूर्वोत्तर भारत में बाढ़। फोटो-एक्स

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Ramal Cyclone Devastation: भारी बारिश के कारण असम, मणिपुर और मिजोरम में भारी तबाही मची है। बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 50 से पार पंहुच गई है। लगभग 11 जिलों में 3.5 लाख लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। चक्रवात रेमल के कारण भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में स्थिति भयावह हुई है। मिजोरम में भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 29 पंहुच गई है। वहीं, असम की इंफाल घाटी में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।

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इंफाल नदी लगातार उफान पर है। ऐसे में राज्य के कुछ इलाकें जलमग्न हो गए हैं। असम में लगभग 11 जिलों में 3.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मिजोरम के कोलासिब जिले के तलावंग नदी से एक महिला का शव मिला है, जिसकी पहचान वलालरूअली के रूप में हुई है। बाढ़ से असम के लोग बुरी तरह प्रभावित हैं। चक्रवात रेमल के कारण यहां भारी बारिश हुई है। कई जिलों में सड़कें और रेल यातायात प्रभावित होने के कारण आम जनजीवन पर बुरा असर दिख रहा है।

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बराक घाटी में सड़क और रेल मार्ग पूरी तरह बंद

उधर, बराक घाटी में कछार सबसे प्रभावित क्षेत्र माना गया है। बाढ़ से जिले में लगभग 14 हजार से अधिक लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बराक घाटी में रेल और सड़क मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं। राहत शिविरों में भीड़ है। कार्बी, कछार, होजाई, करीमगंज धेमाजी, दीमा-हसाओं आदि क्षेत्रों में भारी नुकसान बाढ़ ने मचाया है। रेमल को देखते हुए राज्य में 187 राहत शिविर खोले गए थे। जिसमें 28 हजार से अधिक लोग रहने के लिए आए हैं।

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