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'नोटिस की जांच और प्रक्रिया तेज की जाए…', अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लोकसभा स्पीकर ने दिए ऑर्डर

No-Confidence Motion Against Lok Sabha Speaker: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है. स्पीकर ने लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिए हैं कि नोटिस की जांच नियमों के मुताबिक की जाए और पूरी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए.

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Credit: Social Media

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव (नो कॉन्फिडेंस मोशन) को लेकर सियासत तेज हो गई है. स्पीकर ने लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिए हैं कि इस प्रस्ताव से जुड़े नोटिस की नियमों के मुताबिक जांच की जाए और पूरी प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए. इसके बाद तय होगा कि इस प्रस्ताव को सदन में चर्चा के लिए कब रखा जाएगा. विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा के नियमों के तहत स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है. इस नोटिस पर करीब 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं. इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीएम और एनसीपी जैसे दलों के सांसद शामिल हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने फिलहाल इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

ये भी पढ़ें: No Confidence Motion: लोकसभा स्पीकर को पद से हटाने का क्या है नियम, अविश्वास प्रस्ताव के लिए कितने सांसदों के वोट जरूरी?

विपक्ष का क्या आरोप है?

विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है. विपक्षी नेताओं का कहना है कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं मिल रहा. खासतौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया है. विपक्ष का कहना है कि इसी वजह से बजट सत्र के दौरान बार-बार हंगामा और कार्यवाही बाधित हुई. स्पीकर ओम बिरला ने इन आरोपों पर सीधी प्रतिक्रिया देने के बजाय संसदीय प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया है. उन्होंने सचिवालय को कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस की वैधता जांची जाए और तय नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई जल्द पूरी की जाए.

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अब आगे क्या होगा?

लोकसभा के नियमों के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सही पाए जाने पर उसे सदन में चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया जाता है. इसके बाद इस पर बहस होती है और आखिर में मतदान कराया जाता है. प्रस्ताव को पास होने के लिए सदन में मौजूद सांसदों का साधारण बहुमत जरूरी होता है. हालांकि मौजूदा हालात में विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या नहीं है, इसलिए प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है. बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार देखने को मिल रहा है. अविश्वास प्रस्ताव से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है. अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सचिवालय की जांच के बाद ये प्रस्ताव कब और कैसे सदन में आता है.

ये भी पढ़ें: लोकसभा में हंगामे पर सियासी घमासान, बीजेपी और कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला को लिखा पत्र

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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