NMACC: सार्वजनिक मांग को देखते हुए नीता मुकेश अंबानी ने कला और शिल्प प्रदर्शनी 'SWADESH' का किया विस्तार
Edited By Sunil Sharma

पिछवाई कला के कलाकारों के साथ विचार-विमर्श करते हुए नीता अंबानी
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पिछवाई कला के कलाकारों के साथ विचार-विमर्श करते हुए नीता अंबानी
नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) ने रिलायंस फाउंडेशन की SWADESH exhibition का विस्तार करने का निर्णय लिया है। इस एक्जिबिशन के जरिए दर्शक पिछवाई, तंजौर, पट्टचित्र जैसे प्रसिद्ध पारंपरिक कला रूपों, पटोला, वेंकटगिरी, बनारस, पैठन और कश्मीर की बुनाई और जयपुर की ब्लू पॉटरी जैसे प्रसिद्ध पारंपरिक आर्ट से परिचित हो सकेंगे तथा इनके एक्सपर्ट कारीगरों को देखने तथा उनसे बातचीत करने का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। एग्जीबिशन में अपनी आंखों के सामने कारीगरों को काम करते हुए देखना और उनसे बात करना अपने आप में एक अद्भुत और अनोखा अनुभव है।
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष नीता अंबानी ने कहा, “भारत के कारीगर हमारे देश का गौरव हैं। उनकी कला और शिल्प हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। NMACC में हमारे लिए यह एक सम्मान की बात रही है कि हम उन्हें अपने कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करते हैं, उन्हें सम्मानित कर पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाते रहे हैं।”

SWADESH एग्जीबिशन में कलाकारों के साथ रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर एवं चेयरपर्सन नीता अंबानी
उन्होंने आगे कहा कि मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि उन्हें हमारे भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों से बहुतायत में अटेंशन और प्रशंसा मिली है। मैंने उनके साथ अपनी बातचीत को संजोया और उनकी कहानियों को सुनना और अपने शिल्प के प्रति उनके असाधारण जुनून को देखना अभिभूत करने वाला था। स्वदेश हमारी विरासत का उत्सव है और यह हमारे कारीगरों के लिए सम्मान, मान्यता और जीविकोपार्जन की एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
जब से नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) दुनिया के लिए खोला गया है, आगंतुक केंद्र और इसके प्रसाद के बारे में कई पहलुओं की सराहना कर रहे हैं। स्वदेश एक्सपीरियंस जोन में आने वाले दर्शक न केवल न केवल अपनी आंखों के सामने इन एक्सपर्टस कलाकारों को काम करते देखते हैं, वरन वे वहीं पर उनकी बनाई कलाकृतियां खरीद भी सकते हैं। इस एग्जीबिशन को मूल रूप से 2 अप्रैल तक एक तीन-दिवसीय प्रोग्राम के रूप में रखा गया था परन्तु दर्शकों की भारी डिमांड को देखते हुए इसे आगे बढ़ा दिया गया है। दर्शनों का प्रोत्साहन इन प्रोडक्ट्स की बढ़ती बिक्री के रूप में सामने आ रहा है। कलाकृतियों से होने वाली पूरी इनकम कारीगरों को ही मिलती है।

SWADESH एग्जिबिशन में सैंड आर्टिस्ट की कला को निहारते हुए नीता अंबानी।
रिलायंस फाउंडेशन ने नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) के जरिए पारंपरिक भारतीय कारीगरों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अपने काम को व्यापक दर्शकों तक ले जाने के लिए एक मंच दिया है। लुप्तप्राय हो चुकी विभिन्न स्थानीय कलाओं और उनसे जुड़े पारंपरिक कलाकार और शिल्पकार इसके जरिए अपने काम को देश-विदेश तक ले जा सकेंगे। साथ ही इससे देश की समृद्धि विरासत को भी विभिन्न नेशनल और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचाया जा सकेगा। रिलायंस फाउंडेशन की स्वदेश एग्जीबिशन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के केंद्र में स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में डिजाईन किया गया नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र (NMACC) अपने आप में एक पूरा यूनिवर्स है। यहां पर तीन मुख्य एग्जिबिशन सेंटर्स हैं, (1) 2000 सीटर वाला विशाल थिएटर, (2) तकनीकी रूप से सक्षम 250 सीटर स्टूडियो थिएटर और (3) डायनामिक 125 सीटर क्यूब। इनके अलावा सेंटर में एक आर्ट हाउस, एक चारमंजिला विजुअल आर्ट स्पेस (जिसे वैश्विक स्टैंडर्ड के हिसाब से बनाया गया है) भी है, इनके जरिए देश-विदेश के सबसे बेहतरीन टैलेंट को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जा सकेगा।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.reliancefoundation.org पर विजिट करें।
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