मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रेप पीड़िता नाबालिग को गर्भपात की अनुमति
भोपाल की 17 वर्षीय नाबालिग रेप पीड़िता के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है।मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने 28 सप्ताह की प्रेग्नेंसी के टर्मिनेशन की अनुमति दी।
मेडिकल प्रेग्नेंसी टर्मिनेशन एक्ट (MPT) के प्रावधानों के मुताबिक, 24 सप्ताह से ज्यादा का गर्भ होने पर गर्भपात की अनुमति नहीं मिलती है, लेकिन नाबालिग रेप पीड़िता के सामाजिक आर्थिक हालातों को देखते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच ने फैसला दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में मुंबई हाईकोर्ट और केरल हाईकोर्ट के पूर्व के फैसलों का हवाला दिया गया। मुंबई हाईकोर्ट ने 32 और केरल हाईकोर्ट ने 28 हफ्तों की मियाद बीतने के बाद भी गर्भपात की अनुमति दी थी।
सिंगल बेंच के द्वारा गर्भपात की अनुमति न मिलने के बाद डबल बेंच में रिव्यू पिटीशन दायर किया गया था।
इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने गर्भपात की अनुमति नहीं दी थी।
- ऋत्विक दीक्षित, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता