जंतर-मंतर आंदोलन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी अब फिर कुछ बड़ा करने जा रही है. पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने ये ऐलान किया है कि वो सितंबर में नया कैंपेन शुरू करने वाले हैं, जिसका नाम है- क्या बोलती पब्लिक. गुरुवार को दीपके ने महाराष्ट्र के संभाजीनगर में ये ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के लोग हर गांव और शहरों में जाकर युवाओं से बात करेंगे. दीपके ने आगे कहा कि वो बेरोजगारी और महंगी शिक्षा का मुद्दा उठाएंगे.

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दीपके ने और क्या कहा?

अभिजीत दीपके ने आगे कहा कि बेरोजगारी देश की जड़ों को खोखला कर रही है, इसीलिए इसे बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा. उन्होंने कहा- हम शिक्षा में सुधार लाने के लिए काम करेंगे. शिक्षा को पैसा कमाने का जरिया बनाया गया है, लेकिन हम इस पूरे एजुकेशन सिस्टम को बदलना चाहते हैं. आपको बता दें कि इससे पहले अभिजीत दीपके और उनकी पार्टी ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक धरना दिया था, जिसमें उन्हें बड़ी कामयाबी मिली. पार्टी के विरोध के बाद धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

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नए कैंपेन में क्या है खास?

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अभिजीत दीपके ने ये साफ किया कि सीजेपी कभी भी चुनावी राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी, वो सिर्फ देश के मुद्दे उठाएगी और लोगों की आवाज़ बनेगी. दीपके का मानना है कि देश में स्कूल, कॉलेज और कोचिंग के नाम पर बहुत ज्यादा फीस ली जा रही है. कॉकरोच जनता पार्टी का मकसद इसे कम कराना और सरकारी स्कूलों में सुधार लाना है. क्या बोलती पब्लिक कैंपेन के ज़रिए कॉकरोच जनता पार्टी बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बनाएगी. इसके अलावा चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसी संस्थाओं पर जनता का भरोसा फिर से बनाने के लिए दबाव बनाएगी. इससे पहले 5 अगस्त को दीपके ने कहा था कि देश को एक मजबूत प्रेशर ग्रुप की जरूरत है.

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