NEET 2024 Exam Result Controversy: NEET एग्जाम और रिजल्ट पर छिड़े विवाद में दाखिल की गई 3 याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इन याचिकाओं में फिजिक्स वाला के फाउंडर अलख पांडेय की याचिका पर भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई की और 1563 स्टूडेंट्स को झटका दिया। मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) बैकफुट पर आया है, लेकिन आखिर क्यों?
दरअसल, विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई और नोटिस दिया। 25 लाख स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर लगा था। इसे देखते हुए NTA ने 1563 स्टूडेंट्स का एग्जाम कैंसिल कर दिया। अब उन्हें दोबारा पेपर देना होगा, जो 23 जून को होगा। रिजल्ट 30 जून को जारी किया जाएगा। NTA की तरफ से यह जवाब मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाकी स्टूडेंट्स की काउंसिलिंग नहीं रुकेगी। मामले की सुनवाई अब 8 जुलाई को होगी।
याचिकाओं में क्या मांग की गई?
फिजिक्स वाला के CEO अलख पांडे ने याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने दावा कि NTA ने 1563 बच्चों को ग्रेस मार्क्स देकर पास किया है, इसलिए वे टॉपर्स में आ गए। इससे जुड़े सबूत उनके पास हैं, जिन्हें उन्होंने याचिका के साथ सबमिट किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में NEET (UG) 2024 की परीक्षा प्रक्रिया और परिणामों की जांच के लिए एक कमेटी बनाने की मांग की। विशेषज्ञ समिति को NEET एग्जाम की प्रक्रिया में सुधार लाने की सिफारिश करने के आदेश देने की मांग की गई। NEET एग्जाम प्रक्रिया को और मजबूत करने की मांग की गई है।
दूसरी याचिकाओं मे NEET परीक्षा को रद्द करने और काउंसिलिंग पर रोक लगाने की मांग भी की गई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ 1563 बच्चों का एग्जाम रद्द करने की बात मानी और काउंसिलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि विवाद से एग्जाम की गरिमा भंग हुई है, इसलिए NTA सुनिश्चित करे कि आगे ऐसा नहीं होगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट छुट्टियां होने के चलते और जल्दबाजी में इतने गंभीर मुद्दे पर फैसला नहीं लेना चाहता था, इसलिए सुनवाई को 8 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया। इस बीच NTA पेपर लेकर रिजल्ट जारी कर देगा।
आखिर क्या है NEET विवाद?
1. 5 मई 2024 को NEET-UG 2024 एग्जाम हुआ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एग्जाम लेती है, लेकिन इस बार पेपर लीक होने की खबरें आईं, लेकिन NTA ने सफाई देते हुए पेपर लीक होने की खबरों को अफवाह करार देकर मामला शांत करा दिया। इस बीच बिहार की पटना पुलिस ने पेपर लीक होने की शिकायत मिलने पर FIR दर्ज करके आरोपियों को पकड़ लिया। पिता-पुत्र पर पेपर लीक करने के आरोप लगे, लेकिन NTA ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
2. NTA की तरफ से एक्शन नहीं लेने पर 10 स्टूडेंट्स सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। याचिका दायर करके एग्जाम रद्द करने की मांग की गई। इस बीच 4 जून को NTA ने रिजल्ट जारी कर दिया, जिसमें सामने आया कि 67 स्टूडेंट्स के नंबर 720 में से 720 हैं और यह स्टूडेंट्स एक ही सेंटर के हैं। इसके बाद स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देने पर सवाल उठे। पूरे देश में हड़कंप मच गया और सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर करके रिजल्ट और एग्जाम कैंसिल करने की मांग की गई।
3. फिजिक्स वाला कोचिंग सेंटर के CEO अलख पांडे ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। इसमें मांग की गई कि इस बार NEET पेपर लीक हुआ है और रिजल्ट जारी करने में धांधली हुई है। इसलिए एग्जाम को पूरी तरह से रद्द कर दिया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने सबसे पहले दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए NTA को नोटिस जारी करके जवाब मांग लिया। आज अलख पांडे की याचिका पर सुनवाई हुई। NTA ने 1563 बच्चों का पेपर रद्द करने का जवाब सबमिट किया।