दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प केस को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मामला छात्रों पर हुई एफआईआर को वापस लेने की याचिका से जुड़ा था, जिसकी सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने की. याचिका में उच्चतम न्यायालय से अपील की गई कि पुलिस या सुरक्षा बलों के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने वालों की पहचान कराकर आरोपियों से समुदाय सेवा कराने का आदेश दिया जाए.

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CJI सूर्यकांत ने दी पुलिस की नसीहत


छात्र आंदोलन से जुड़ी कई और याचिकाओं को एक साथ टैग करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हम विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे हैं और याचिकाओं पर सुझावों व वैचारिक मतभेदों के लिए खुले हैं. सीजेआई ने आगे कहा कि युवाओं को सलाह और समझाने की जरूरत है, पुलिस को संयम बरतना चाहिए ताकि स्थिति खराब न हो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेहतर रास्ता उन्हें शांत कराना और समझाना है.

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गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सीजेपी प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च का ऐलान किया था. इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच हजारों प्रदर्शनकारी संसद के बेहद करीब तक पहुंच गए थे. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में देखा गया कि हजारों की संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी पुलिस से बचते नजर आ रहे हैं. इस बीच पुलिस पर भी पथराव की खबरें सामने आईं, जिसने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक रूप दे दिया. इस मामले को लेकर कई छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई, हालांकि सीजेपी की मांग के बाद छात्रों पर दर्ज शिकायतों को सरकार द्वारा वापस ले लिया गया था.

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