NCRB Heart Attack Data: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के 2024 के ताजा आंकड़ों ने पूरे देश को चिंता में डाल दिया है. भारत में बीते साल दिल के दौरे यानी हार्ट अटैक से कुल 38,599 लोगों की जान चली गई. आंकड़ों की गहराई में जाएं तो महाराष्ट्र इस मामले में सबसे ऊपर है, जहां अकेले 14,874 मौतें दर्ज की गई हैं. इसके बाद केरल का नंबर आता है जहां 5,015 लोगों की मृत्यु हुई. गुजरात में 3,253 और कर्नाटक में 2,568 लोगों ने अपनी जान गंवाई. मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 2,115 रहा, जबकि तमिलनाडु में 1,606 और राजस्थान में 1,604 मौतें हुईं. हरियाणा में 1,564 और पंजाब में 1,050 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि उत्तर प्रदेश 972 मौतों के साथ दसवें स्थान पर रहा. ये आंकड़े बताते हैं कि दिल की बीमारियां अब एक गंभीर राष्ट्रीय संकट बन चुकी हैं.

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

आजकल 30 से 50 साल की उम्र के लोग अपने करियर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को भूलते जा रहे हैं. शरीर में दिखने वाले छोटे-छोटे बदलाव भविष्य में किसी बड़े खतरे की घंटी हो सकते हैं. अगर आपको सीने में दबाव, जकड़न या दर्द महसूस हो रहा है, तो यह हार्ट अटैक का सबसे आम संकेत है. इसके अलावा सांस लेने में तकलीफ, खासकर चलते समय या लेटे हुए, एक गंभीर लक्षण है. दर्द का केवल सीने तक सीमित न रहकर बाहों, पीठ, जबड़े या पेट तक फैलना भी खतरे की निशानी है. अगर आपको बिना किसी कारण के बहुत ज्यादा थकान, चक्कर आना, जी मिचलाना या अचानक पसीना आने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. दिल की धड़कनों का असामान्य रूप से तेज होना या फड़फड़ाना भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.

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हार्ट अटैक के पीछे छिपे हुए कारण

हार्ट अटैक के पीछे कई छिपे हुए कारण होते हैं जिन्हें रिस्क फैक्टर कहा जाता है. हाई ब्लड प्रेशर को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके कोई साफ लक्षण नहीं होते, लेकिन यह दिल को अंदर से खोखला कर देता है. हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों में रुकावट पैदा करता है जिससे खून का बहाव रुक जाता है. डायबिटीज और धूम्रपान धमनियों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. मोटापा, खासकर पेट की चर्बी, और शारीरिक निष्क्रियता भी इसके बड़े कारण हैं. इसके अलावा अगर परिवार में पहले से किसी को दिल की बीमारी रही है, तो खतरा और बढ़ जाता है. आज के दौर में मानसिक तनाव और नींद की कमी (स्लीप एपनिया) भी ब्लड प्रेशर को बढ़ाकर दिल के दौरे का रास्ता साफ कर रहे हैं.

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हार्ट अटैक से बचाव के तरीके

अगर आप अपने दिल को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी है. 30 से 50 साल की उम्र वालों को समय-समय पर बॉडी चेकअप करवाते रहना चाहिए. हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज या पैदल चलना मोटापे को कंट्रोल करने में मदद करता है. अपने खान-पान में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन को शामिल करें और बाहर के जंक फूड से दूरी बनाएं. अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे तुरंत छोड़ दें क्योंकि यह दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है. तनाव को कम करने के लिए योग, ध्यान और गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज का सहारा लें. साथ ही हर रात 7 से 8 घंटे की भरपूर और सुकून भरी नींद जरूर लें. समय पर दी गई सावधानी और सही मैनेजमेंट ही आपको और आपके परिवार को इस खतरे से बचा सकता है.

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