भारत के सबसे अमीर परिवारों में शामिल पूनावाला परिवार एक बार फिर अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में है. हाल ही में 167 करोड़ रुपये की पेंटिंग खरीदने के बाद अब परिवार की बहू नताशा पूनावाला अपनी बेहद कीमती हीरे की अंगूठी को लेकर सुर्खियों में हैं. ये अंगूठी सिर्फ महंगी ही नहीं, बल्कि इतिहास से भी गहराई से जुड़ी हुई है. नताशा पूनावाला, जो सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ आदर पूनावाला की पत्नी हैं, अपनी यूनिक फैशन सेंस और लग्जरी कलेक्शन के लिए जानी जाती हैं. हाल ही में उनके हाथ में दिखी एक खास अंगूठी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. ये अंगूठी एक दुर्लभ गुलाबी हीरे से बनी है, जिसकी कीमत करीब 126 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

अंगूठी में क्या है खास?

इस अंगूठी की सबसे बड़ी खासियत इसका हीरा है. इसमें लगा गुलाबी और बैंगनी रंग का हीरा लगभग 10.38 कैरेट का है, जिसे बेहद खास कट में तैयार किया गया है. इसके आसपास छोटे-छोटे हीरे भी जड़े हुए हैं, जो इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं. अंगूठी का डिजाइन मशहूर ज्वैलरी डिजाइनर जेएआर (Joel Arthur Rosenthal) ने तैयार किया है, जिसमें ब्लैक प्लेटिनम बैंड और 17 एक्सट्रा हीरे लगे हैं. लेकिन इस अंगूठी की असली कहानी इसकी ऐतिहासिक विरासत में छिपी है. बताया जाता है कि यह हीरा फ्रांस की आखिरी महारानी मैरी एंटोनेट के पास था. बाद में ये उनकी बेटी मैरी-थेरेस के पास पहुंचा और कई वर्षों तक फ्रांसीसी शाही परिवार में सुरक्षित रहा.

---विज्ञापन---

कितनी है कीमत?

समय के साथ ये कीमती हीरा 1996 में नीलामी के जरिए बाहर आया और फिर 2025 में न्यूयॉर्क में आयोजित क्रिस्टीज की नीलामी में इसे लगभग 13.98 मिलियन डॉलर (करीब 126 करोड़ रुपये) में बेचा गया. खास बात ये है कि इसकी अनुमानित कीमत से दोगुने से ज्यादा में यह बिक गया, जिससे इसकी दुर्लभता का अंदाजा लगाया जा सकता है. इस हीरे को 'मैरी-थेरेस पिंक डायमंड रिंग' के नाम से जाना जाता है. माना जाता है कि यह हीरा 18वीं सदी का है और भारत के गोलकुंडा खदान से निकला था, जो दुनिया के सबसे प्रसिद्ध हीरा खदानों में से एक रहा है. नताशा पूनावाला अक्सर अपने फैशन और महंगे एक्सेसरीज की वजह चर्चा में रहती हैं. वह ना सिर्फ एक बिजनेसवुमन हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय फैशन इवेंट्स में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं. उनकी यह अंगूठी न सिर्फ उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल को दर्शाती है, बल्कि इतिहास और विरासत का भी अनोखा संगम है.

---विज्ञापन---