2 Suspects Detained From PM Narendra Modi's Mumbai Event: पीएम नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम 8 तारीख को मुंबई में शेड्यूल्ड किया गया था, लेकिन वहां प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले तब सनसनी मच गई, जब पुलिस ने 2 संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. अब अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आरोपी कहीं गलत इरादे से इवेंट में शामिल तो नहीं होने जा रहा था.

हरकत में आई मुंबई पुलिस

मुंबई पुलिस ने कहा, 'मुंबई में उस जगह से 2 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जहां पीएम नरेंद्र मोदी को एक कार्यक्रम में शामिल होना था. उनमें से एक शख्स के पास से बंदूक बरामद हुई. मुंबई पुलिस ने BKC स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) से एक शख्स को हिरासत में लिया, जो खुद को पीएमओ का अधिकारी बता रहा था. हिरासत में लिए गए आरोपी की उम्र 24 साल बताई जा रही है. उसके साथ एक बॉडीगार्ड भी था, जिसके पास बंदूक थी और फेक पीएमओ आईडी कार्ड भी था. मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस मामले की आगे जांच कर रही है.'

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सिक्योरिटी अलर्ट जारी

पीएम मोदी के आने से कुछ घंटे पहले ही इन लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया. प्रधानमंत्री मंगलवार शाम NMACC में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) का उद्घाटन करने वाले हैं. मुंबई पुलिस अभी उन दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि ये पता लगाया जा सके कि वो बंदूक और नकली आईडी के साथ इवेंट के वेन्यू में क्यों आए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच अपने हाथ में ले ली है. हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ की जा रही है और उनके मोबाइल फोन, आई और अन्य सामान की जांच की जा रही है. पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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PM के इवेंट से पहले कैसी होती है सुरक्षा की तैयारियां?

जब भारत के प्रधानमंत्री किसी कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो सिक्योरिटी के लिए पुलिस, स्पेशल प) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर व्यापक इंतजाम करती हैं। सबसे पहले कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा जांच की जाती है। प्रवेश और निकास द्वारों पर कड़ी चेकिंग, मेटल डिटेक्टर और मॉनिटरिंग कैमरे लगाए जाते है. पीएम के आने-जाने वाले रूट की सिक्योरिटी के साथ रूट पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है. भीड़ और ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए एक्सट्रा फोर्स लगाया जाता है. लोकल पुलिस, खुफिया एजेंसियां और प्रशासन लगातार कोऑर्डिनेट करते हैं. इमरजेंसी सिचुएशन के लिए मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड और अल्टरनेट सिक्योरिटी बैकअप भी तैयार रखे जाते हैं.

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