Parliament Monsoon Session Live: मणिपुर वीडियो मामले पर संसद में हंगामा, विपक्ष ने की चर्चा की मांग, दोनों सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित
Edited By Gyanendra Sharma

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नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत हो चुकी है। पहला दिन ही हंगामेदार रहा। दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। मॉनसून सत्र की पूर्वसंध्या पर विपक्ष की मांग को सरकार ने स्वीकार करते हुए मणिपुर हिंसा और महंगाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए हामी भरी है।
बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आए मणिपुर हिंसा से जुड़े विभत्स वीडियो पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। विपक्ष ने मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह के इस्तीफा और संसद में पीएम मोदी से बयान की मांग की है।
मणिपुर की स्थिति पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि इस बात को लेकर बहुत चिंतित हूं कि पीएम इतने लंबे समय तक चुप थे। हममें से कोई भी इसे समझ नहीं सका। हमें बहुत खुशी है कि उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी, अब हम चाहेंगे कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद में जाएं… हम इस पर चर्चा करना चाहते हैं जब वह संसद के अंदर बोलते हैं। उन्होंने संसद के बाहर, मीडिया से बात की है। मुझे बहुत खुशी है, उन्होंने कम से कम अपनी आवाज उठाई है।
संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है। इससे पहले विपक्षी दलों ने रणनीति बैठक बुलाई थी, जिसमें 11 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया था।
पीएम मोगी संसद भवन पहुंच गए हैं। पीएम मोदी का संबोधन शुरू हो गया है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि हर सांसद संसद की जिम्मेदारी को पूरी तरह निभाएगा। चर्चा जितनी ज्यादा पैनी होती है, उतना जनहित में दूरगामी परिणाम सामने आते हैं, उतने अच्छे होते हैं। जो सांसद संसद में आते हैं, वे जनता के प्रतिनिधि होते हैं। इसलिए जो चर्चा होती है, उससे जनता से जुड़े विचार सामने आते हैं। इसलिए चर्चा में निर्णय समावेशी होते हैं। इसलिए मैं सभी सांसदों से निवेदन करता हूं कि वे जनहित के कामों को आगे बढ़ाएं।
एक कांग्रेस नेता ने कहा, “मानसून सत्र के पहले दिन से संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा करने के लिए” भारत के संसदीय दल के नेता सुबह 10 बजे राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में मिलेंगे। सदस्यों ने सरकार को घेरने की कोशिश करने के लिए पहले ही कई मुद्दों की पहचान कर ली है, जिनमें मणिपुर की स्थिति, मुद्रास्फीति, बेरोजगारी, संघवाद, दिल्ली की नौकरशाही पर विवादास्पद अध्यादेश और जांच एजेंसियों का कथित दुरुपयोग शामिल हैं।
बुधवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के सदस्यों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया कि वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर की स्थिति पर या तो जवाब दें या बयान जारी करें। नया गठबंधन भी चाहता है कि दिल्ली अध्यादेश को रद्द किया जाए। बैठक में सरकारी की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी, विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। विपक्षी दलों की ओर से कांग्रेस के सांसद जयराम रमेश, अधीर रंजन चौधरी, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया।
सरकार मानसून सत्र के दौरान 31 बिल पेश करेगी। इसमें सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) विधेयक, पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन, वन संरक्षण कानूनों में संशोधन और दिल्ली सेवाओं पर विवादास्पद अध्यादेश शामिल हैं। इसके अलावा जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, बहु-राज्य सहकारी सोसायटी (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना के लिए एक मसौदा पेश किया जाएगा।
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