ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी लोग डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसा प्रधानमंत्री नहीं चाहिए जो सेना का उपयोग करके स्थिति से बाहर निकल सके। हमें ऐसा प्रधानमंत्री नहीं चाहिए, जिसमें इतनी हिम्मत नहीं है कि वह कह सकते हैं कि ट्रंप झूठ बिल रहे हैं। हम ऐसा प्रधानमंत्री जानते हैं जो सेना को छूट दें और कहे कि जाओ खत्म करो काम को।
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लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने कहा कि आतंकवाद करना या शामिल होना मतलब युद्ध है। अगर आतंकवादी हमला हुआ तो क्या आगे क्या होगा? सरकार पाकिस्तान युद्ध करेगी? यह एक बचकाना बयान था।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की विदेश नीति भारत-पाक पर केंद्रित होनी चाहिए थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोनों करीब आ गए। भारत सरकार को लगता है कि वह पाकिस्तान के साथ लड़ रहे हैं लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वे पाकिस्तान और चीन से लड़ रहे हैं। पाकिस्तान सेना बदल चुकी थी, उनके पास सारी जानकारी थी। ये सब चीन कर रहा था।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का कहना है कि सारे के सारे देशों ने आतंक का विरोध किया है लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पहलगाम के बाद एक भी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की है, सभी ने आतंकवाद की निंदा की है।
राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने आसिफ मुनीर को बुलाया और प्रोटोकॉल तोड़कर उसका स्वागत किया। पीएम मोदी ने एक बार भी इसका विरोध नहीं किया कि आखिरकार भारत में आंतक फैलाने वाले का स्वागत क्यों हुआ? उसके साथ लंच क्यों हुआ?
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ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारत ने गलती की है। भारत सरकार में इच्छाशक्ति की कमी है। गलती सेना की नहीं बल्कि सरकार की है। राहुल गांधी ने कहा कि ट्रंप ने 29 बार सीजफायर की बात कही है लेकिन इसका खंडन नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री को कह देना चाहिए कि डोनाल्ड ट्रंप झूठ बोल रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि एक क्रूर हमला (पहलगाम), निर्दयी हमला जो स्पष्ट रूप से पाकिस्तानी सरकार द्वारा आयोजित और षडयंत्र किया गया था। युवा और वृद्ध लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। हम सभी ने, इस सदन के प्रत्येक व्यक्ति ने मिलकर पाकिस्तान की निंदा की है।
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 14 जुलाई 2025 को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वीकार किया था कि पहलगाम आतंकी हमला निस्संदेह एक सुरक्षा चूक थी। मैं इस घटना की पूरी ज़िम्मेदारी लेता हूं जो निस्संदेह एक सुरक्षा चूक थी। गृह मंत्री को ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए, उपराज्यपाल को नहीं।
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि सवाल ये है कि सीजफायर की घोषणा किसने की? कहां से हुई? इस सीजफायर की घोषणा हमारे पीएम ने नहीं की, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने भी नहीं की बल्कि अमेरिका से राष्ट्रपति ने ट्रंप ने दावा कि मैंने भारत पाकिस्तान का युद्ध रुकवा दिया।
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कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि बार-बार सुरक्षा और खुफिया जानकारी फेल हो रही है, इसकी जानकारी किसकी है? गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। उनपर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जबसे सरकार आई है, तब से 5 बार पहलगाम में ही हमला हो चुका है। मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं? अगर वे जिम्मेदार हैं तो कुर्सी खाली कर दें। अगर जिम्मेदार नहीं हैं तो पीएम मोदी क्या एक्शन लेते हैं, हम देखेंगे।
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि आपने झूठी खबरों के कारखाने बनाए हैं। लोग झूठी बातों को गंभीरता से नहीं लेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप बिन बुलाए जाकर गले लगाते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपना कश्मीर दौरा क्यों रद्द कर दिया था? हमें पहले भी सवाल पूछा था लेकिन इसका जवाब नहीं मिला, क्या किसी घटना को लेकर पहले से जानकारी थी?
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने आज मेरी मां के आंसुओं के बारे में बात की। मैं इसका जवाब देना चाहती हूं। मेरी मां के आंसू तब बहे थे जब आतंकवादियों ने मेरे पिता को मार डाला था। आज, जब मैं उन 26 लोगों (पहलगाम हमले के पीड़ितों) के बारे में बात करती हूं, तो ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं उनका दर्द समझती हूं।
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Monsoon Session LIVE Updates: प्रियंका गांधी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया। दोबारा हुआ तो दोबारा समर्थन करेंगे। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर का क्रेडिट प्रधानमंत्री मोदी लेना चाहते हैं। श्रेय लें, ओलंपिक में मेडल का भी लेते हैं, लेकिन श्रेय लेने से कुछ नहीं होगा, जिम्मेदारी लेनी पड़ती है। पहली बार ऐसा हुआ कि जंग होते-होते रुक गई। रुकावट का ऐलान सेना सरकार नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति करते हैं। यह प्रधानमंत्री की गैर-जिम्मेदारी का संकेत है। पाकिस्तान को शरण दिया क्यों? वे देश में घुसकर लोगों को मारते हैं और आप शरण देते हैं। शरण पर सवाल उठाए तो इतिहास में चले गए। नेहरू, राजीव गांधी, मेरी मां के आंसुओं पर चले गए, लेकिन जवाब नहीं दिया कि जंग क्यों रुका?
Monsoon Session LIVE Updates: प्रियंका गांधी ने कहा कि इतिहास छोड़िए, आज की बात करते हैं। पूरे परिवार के नाम गिना देते हैं। बार-बार कहते हैं कि मनमोहन सरकार ने क्या किया? महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया, जब मुंबइ में आतंकी हमला हुआ। सारे आतंकी मौके पर ढेर किए गए। एक आतंकी को गिरफ्तार करके फांसी की सजा दी गई। राजनाथ उरी, पठानकोट, पुलवामा के समय रक्षा मंत्री रहे। पहलगाम के समय रक्षा मंत्री हैं। मणिपुर तक जल गया और राजनाथ सिंह आज भी रक्षा मंत्री है। देश खोखले भाषण नहीं सुनना चाहता, देश जवाब चाहता है। 22 अप्रैल को पहलगाम में जो हुआ, वह क्यों हुआ? देश जानना चाहता है।
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Monsoon Session LIVE Updates: प्रियंका गांधी ने कहा कि TRF को आज बैन कर दिया गया। अब से पहले क्या किया? जब इस गुट ने 2019 से 2025 के तक 25 आतंकी हमले किए, जिनमें रियासी में हुआ आतंकी हमला भी शामिल हुआ। 2020 से 22 अप्रैल 2025 तक TRF ने 41 सैन्य कर्मियों की हत्या की। 27 आम लोगों को मारा। 54 को घायल किया। 2019 से काम कर रहा आतंकी संगठन साल 2023 में बैन किया गया। 3 साल आतंकी हमले क्यों होने दिए गए? पहलगाम हमले की साजिश रची जा रही थी और हमारे खुफिया विभाग को भनक तक नहीं लगी। क्या ये हमारी एजेंसियों की विफलता नहीं है? जानते थे कि यह आतंकी संगठन हमले करा रहा है और उस पर निगरानी नहीं रखी गई। क्या आईबी चीफ ने इस्तीफा दिया? किसी जिम्मेदारी है इंटेलिजेंसी ब्यूरो की। क्या गृह मंत्री ने इस्तीफा दिया। इस्तीफा छोड़िए क्या उन्होंने जिम्मेदारी ली?
Monsoon Session LIVE Updates: प्रियंका गांधी ने कहा कि बैसरन घाटी में छुट्टियां मनाने आए पर्यटकों को 4 आतंकी अचानक आकर मारने लगते हैं। धर्म पूछकर चुन-चुन कर गोलियां मारी जाती हैं। किसी को पत्नी के सामने, किसी को मां-बाप के सामने, किसी का बच्चों के सामने गोलियां मार दी। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। एकं घंटा नरसंहार चला, लेकिन पूछना चाहती हूं कि एक घंटे तक पुलिस कहां थी? सुरक्षाबल कहां थे, जिनके कश्मीर में तैनात होने का दावा किया जाता है। आखिर वहां एक सैनिक क्यों नहीं था? एक भी सिक्योरिटी गार्ड क्यों नहीं था? क्या सरकार को कश्मीर के दुर्गम जंगली इलाकों को बारे में नहीं पता। लोग वहां सरकार के भरोसे जाते हैं और सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया। सरकार बताए कि लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
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Monsoon Session LIVE Updates: प्रियंका गांधी ने कहा कि देश की अखंडता कायम रखने में सेना ने अहम योगदान दिया है। इसके लिए देश की सेना पर बहुत गर्व है। बीते दिन पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर सत्तापक्ष के मंत्रियों के भाषण सुने, लेकिन सत्ता पक्ष यह बताने में नाकामयाब रहा है कि 22 अप्रैल को 26 लोगों को उनके परिजनों के सामने खुलेआम कैसे मार दिया गया? आतंकी बैसरन घाटी तक कैसे पहुंचे? आतंकी कश्मीर में क्या कर रहे थे? जबकि सरकार कहती है कि कश्मीर में आतंक खत्म हो चुका है। वहां अब आतंकवादी नहीं बनते।
Monsoon Session LIVE Updates: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हुर्रियत के साथ कांग्रेस वाले चर्चा करते थे। हुर्रियत नेताओं को वीवीआईपी ट्रीटमेंट देते थे। उनके लिए रेड कारपेअ बिछा़ते थे। हम हुर्रियत नहीं युवाओं से बात करते हैं। हुर्रियत आतंकी संगठनों का आउटफिट है। 2019 के बाद आतंकी ठिकानों को बैन किया। मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति और इस नीति को अपनाकर हम सफल हुए हैं।
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Monsoon Session LIVE Updates: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2004 से 2014 और 2015 से 2025 तक का लेखा जोखा बताता हूं। मोदी जी सरकार है तो जवाबदेह हैं, जनता के प्रति, संविधान के प्रति। 2004 से 2014 तक कांग्रेस की सरकार थी। 2015 से 2025 तक मोदी जी की सरकार है। कश्मीर में साल 2014 तक 7217 आतंकी हमले हुए। मोदी राज में 2150 हमले हुए। कांग्रेस राज में कश्मीर में 1777 नागरिकों की मौत हुई। मोदी राज में 357 नागरिक मारे गए। कोंगेस में 1060 सिक्योरिटी फोर्स के जवान मारे गए। मोदी राज में सिर्फ 542 जवान मारे गए। आतंकियों के खात्मे में 123 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
Monsoon Session LIVE Updates: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साल 2005 से 2011 के बीच 27 आतंकी हमले हुए। 1000 लोग मारे गए, कांग्रेस बताए कि उन्होंने क्या किया? 1986 से 2010 तक कांग्रेस के राज में दाऊद इब्राहिम से भटकल तक कड़े आतंकी फरार हुए। राहुल गांधी इसका जवाब दें। राहुल गांधी लोकसभा में खड़े होकर बताएं कि उन्होंने आतंकियों के खिलाफ क्या किया? सिवाय डोजियर भेजने के क्या किया? 2014 से 2024 के बीच एक भी आतंकी हमला नहीं हुआ। कश्मीर में अब आतंकवादी नहीं बनते हैं।
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