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मानसून सत्र में 7 बड़े बिल पेश करेगी सरकार, 'वंदे मातरम्' का मुद्दा गरमाने के आसार, जानें कब शुरू होगा सेशन?

Monsoon Session 2026

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Monsoon Session 2026

संसद का मानसून सत्र लगने वाला है और इस बार केंद्र सरकार सेशन में 7 बड़े बिल पेश करेगी. इनमें से 2 बिल पुराने और 5 पहली बार पेश किए जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है और 13 अगस्त तक चलेगा. केंद्र सरकार सत्र का एजेंडा तय कर चुकी है और विपक्ष भी सरकार को घेरने की तेयारी कर चुका है. विपक्षी गठबंधन ने इस बार NEET-UG पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, E20 ईंधन और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की तैयारी की है. वहीं सत्र में वंदे मातरम् के अपमान से जुड़ा मुद्दा भी गहरा सकता है.

18वीं लोकसभा के 8वें मानसून सत्र में ये 5 नए विधेयक पेश किए जाएंगे:

  1. आयकर (संशोधन) विधेयक 2026 (एक अध्यादेश के स्थान पर)
  2. सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026 (एक अध्यादेश के स्थान पर)
  3. जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026
  4. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026
  5. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026

मानसून सत्र में केंद्र सरकार ये 2 पुराने विधेयकों पेश कर सकती है:

  1. विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026, जिसे 25 मार्च 2026 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था
  2. विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, जिसे 15 दिसंबर 2025 को लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था और संयुक्त समिति को भेजा गया था

बता दें कि मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले बिलों की जो संभावित सूची सामने आई है, उसमें संविधान संशोधन बिल जैसे परिसीमन या नारी संशोधन बिल का जिक्र नहीं है. लेकिन विदेशी फंड पर शिकंजा कसने के लिए विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 पेश किया जाएगा, ताकि विदेशी फंडिंग को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही तय हो सके. इसलिए सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) 2010 में बदलाव करने जा रही है.

मानूसन सत्र में विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 पेश किया जा सकता है, जिसके तहत देश में उच्च शिक्षा को लेकर बड़े बदलाव करने की तैयारी है. इस विधेयक के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) को रिप्लेस करने का प्रावधान है. लेकिन इस विधेयक की धारा 15(3)(जी) पर विवाद है, जिसके तहत प्रावधान है कि उपरोक्त तीनों को जो उच्च शिक्षा आयोग रिप्लेस करेगा, उसे केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन करना होगा और असहमति होने पर केंद्र सरकार का निर्णय अंतिम माना जाएगा.

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इन विधेयकों पर भी रहेगी सरकार-विपक्ष की नजर

आयकर (संशोधन) विधेयक 2026 हाल ही में जारी हुए अध्यादेश को रिप्लेस करेगा.

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सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक 2026 के तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने के अध्यादेश को विधायी मंजूरी दी जाएगी.

पंजीकरण एवं मृत्यु (संशोधन) विधेयक 2026 के तहत अधिनियम की धारा 13(3) में संशोधन किया जाएगा और जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियमों को सख्त बनाया जाएगा.

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राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026 के तहत देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को रोकने के लिए 1971 के अधिनियम में बदलाव करने का प्रावधान है.

MSME विकास (संशोधन) विधेयक 2026 के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए मजबूत सिस्टम बनाने का प्रावधान किया गया है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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