Heavy Rain Alert Issued Several Part Of India: भारत के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की रफ़्तार भले ही थोड़ी कम हो रही हो, लेकिन कई सेंट्रल और पूर्वी राज्यों में मौसम की एक्टिविटीज अभी भी जोरों पर हैं. बंगाल की खाड़ी में बना एक वेदर सिस्टम जमीन की तरफ नमी ला रहा है, जिससे यूपी, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का खतरा बढ़ गई है.

बारिश का खतरा क्यों है बरकरार?

IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा कोस्टल इलाकों में बना दवाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा. मंगलवार, 18 अगस्त 2026 की सुबह तक, ये झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के आस-पास के क्षेत्रों में पहुंच गया था.

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इस सिस्टम के अगले 24 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होकर 'वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया' में बदलने और झारखंड और बिहार की तरफ आगे बढ़ने की उम्मीद है. हालांकि, इसके कमजोर होने का मतलब तुरंत बारिश का रुकना नहीं है, क्योंकि ये सिस्टम अभी भी सेंट्रल और पूर्वी भारत में नमी खींच रहा है. मौसम विभाग ने 18 अगस्त को उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. दक्षिण-पूर्वी यूपी में भी 18 और 19 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में बारिश के साथ आंधी-तूफान और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. एक्टिव मॉनसून ट्रफ से मौसमी हालात को और ताकत मिल रही है. इसका पश्चिमी हिस्सा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की तरफ खिसक गया है, जबकि पूर्वी हिस्सा अपने नॉर्मल लोकेशन के करीब बना हुआ है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में बारिश हो रही है.

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उत्तरी हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के ऊपर ऊपरी हवाओं में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी नमी जमा करने और बादल बनाने में मदद कर रहे हैं. सैटेलाइट से मिली जानकारी से पता चलता है कि इंडो-गैंगेटिक मैदानी इलाकों और मध्य भारत में बड़े पैमाने पर बादल छाए हुए हैं.

हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की रफ्तार थोड़ी कम रह सकती है, लेकिन पूर्वी यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में पूरे हफ्ते अच्छी बारिश जारी रह सकती है. इससे सूखे जैसे हालात से तो राहत मिलेगी, लेकिन जल-जमाव और बाढ़ की चिंता भी बढ़ सकती है.

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