लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने CJP के संसद मार्च, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज और नीट पेपर लीक पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कल संसद भवन के आस-पास जो कुछ हुआ, उसके लिए प्रधानमत्री मोदी और उनकी सरकार ने छात्रों माफी नहीं मांगी है. देश के नौजवान देश की भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पूरा देश जानता है कि शिक्षा व्यवस्था को दीमक खा चुके हैं. आखिरी प्रधानमंत्री मोदी चुप क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए. मैं घायल छात्रों से मिलने के लिए RLM अस्पताल जाऊंगा.

स्पीकर पर चर्चा नहीं कराने को लेकर कसा तंज

राहुल गांधी ने कहा कि हम नीट पेपर लीक पर चर्चा कराने की मांग लेकर लोकसभा स्पीकर से मिले थे, लेकिन उन्होंने कहा कि सरकार से पूछना पड़ेगा यानी अब स्पीकर को लोकसभा में किसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए मोदी सरकार की अनुमति लेनी पड़ेगी. आज लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक पर चर्चा की मांग की, लेकिन स्पीकर नहीं माने और सदन को स्थगित कर दिया. आखिर केंद्र सरकार देशभर के छात्रों से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा से क्यों भाग रही है? सरकार को तो सामने आकर खुद से समस्या का समाधान करना चाहिए.

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दोषियों पर कार्रवाई की बजाय छात्रों का दमन किया

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचा रही है. अगर देशभर के छात्र विरोध कर रहे हैं तो उनकी कुछ तो गलती रही होगी. पेपर लीक से देशभर के करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं. उनकी सालभर की मेहनत खराब हो गई. लेकिन सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाय विरोध करने वालों की आवाज को बलपूर्वक दबा रही है. जबकि सरकार को तो छात्रों का साथ देना चाहिए. लेकिन सरकार उन पर ही लाठियां बरसा रही है. ऐसे में तो देश की युवा पीढ़ी विरोधी हो जाएगी और अगली बार BJP को मौका देने की बजाय विकल्प तलाश करेगी.

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लगातार दूसरे दिन लोकसभा-राज्यसभा स्थगित

बता दें कि 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, लेकिन पहले ही दिन विपक्ष ने जोरदार हंगामा कर दिया. विपक्ष राम मंदिर दान चोरी और नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा चाहता है, लेकिन स्पीकर ने चर्चा नहीं कराई. लोकसभा सदन में तो मुद्दा उठाने का मौका ही नहीं दिया गया. जबकि राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुद्दा उठाया, लेकिन सरकार ने जवाब नहीं दिया तो विपक्षी सांसदों को विरोध करना पड़ा. ऐसी ही स्थिति आज दूसरे दिन भी बनी, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा में आज भी काम नहीं पाया और दोनों सदन स्थगित कर दिए गए.

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