केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नशीले पदार्थों के खिलाफ केंद्र और राज्यों की कार्रवाई को अगले 3 वर्षों में मिशन मोड में ले जाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 से 2029 तक के लिए रोडमैप तैयार किया है, जिसका मकसद देश को नशामुक्त बनाने के साथ ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार करना है. अमित शाह के मुताबिक पीएम मोदी के विकसित भारत के टार्गेट को हासिल करने के लिए युवा शक्ति को नशे से मुक्त रखना बेहद जरूरी है.
पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति
अमित शाह ने कहा कि सरकार ने ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को केवल छोटे स्तर के अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित रखने के बजाय पूरे नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति अपनाई है. उन्होंने बताया कि 2019 में चार स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) व्यवस्था शुरू की गई. इसके अलावा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनाई गई और केंद्रीय एजेंसियों, राज्य पुलिस और दूसरे विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है. ‘MANAS’ हेल्पलाइन 1933 के जरिए नशे की गिरफ्त में आए युवाओं के पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है.
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26 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार के आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि 2004 से 2014 के बीच करीब 26 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए थे, जबकि 2014 से 2026 के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 19 लाख किलोग्राम से अधिक हो गया. जब्त नशीले पदार्थों का मूल्य करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये बताया गया है. गृह मंत्री ने यह भी कहा कि 2014 से 2026 के बीच 48.66 लाख किलोग्राम ड्रग्स नष्ट किए गए. सरकार ने नशीले पदार्थों से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, डार्कनेट, क्रिप्टो भुगतान और एन्क्रिप्टेड संचार पर भी निगरानी बढ़ाई है.
100 से ज्यादा नेटवर्क ध्वस्त करने का लक्ष्य
आने वाले तीन वर्षों के लिए सरकार ने 100 अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने और नशीले पदार्थों से जुड़े 100 भगोड़ों को विदेश से भारत वापस लाने का लक्ष्य रखा है. साथ ही अवैध सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल बनाने वाली 100 गुप्त प्रयोगशालाओं को खत्म करने का लक्ष्य भी तय किया गया है. अमित शाह के अनुसार इस अभियान में BSF, CISF, भारतीय तटरक्षक, सीमा शुल्क, DRI, CBI, ED, FIU, NCB और राज्य पुलिस समेत कई एजेंसियां मिलकर काम करेंगी.
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