'कटरीना, बुलबुल, लीजा-लैरी'; तूफानों के कैसे-कैसे नाम, किस आधार पर रखे जाते और कौन तय करता?

Cyclone Name Interesting Facts: आज तक जितने भी तूफान हुए हैं, उनके अजीबोगरीब नामों के पीछे की कहानी क्या है? इन्हें कौन तय करता है और यह नाम कैसे रखे जाते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं…

Michaung Cyclone

चक्रवाती तूफान का मंडराया खतरा (File Photo)

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Cyclone Name Interesting Facts: तमिलनाडु, ओडिशा, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में मिचौंग चक्रवात कहर बरपा रहा है। प्रदेश में 2 दिन से भारी बारिश हो रही है। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। प्रदेश के कई हिस्से इस समय बाढ़ में डूबे हुए हैं। चक्रवात इस समय बंगाल की खाड़ी के ऊपर घूम रहा है। आंध्र प्रदेश की ओर जाने से पहले यह तमिलनाडु के उत्तरी तट की ओर बढ़ेगा। इसे लेकर मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट किया है। घरों में रहने की सलाह दी है। मछुआरों से समुद्र की ओर नहीं जाने की अपील की है। स्कूल-कॉलेज और दफ्तर बंद कर दिये गए हैं। ट्रेनें तक रद्द की गई हैं, लेकिन कभी यह सोचा है कि तबाही मचाने वाले तूफान का नाम कैसे पड़ा या आज तक जितने भी तूफान हुए हैं, उनके अजीबोगरीब नामों के पीछे की कहानी क्या है? इन्हें कौन तय करता है और यह नाम कैसे रखे जाते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं…

 

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म्यांमार ने दिया चक्रवात का नाम मिचौंग रखने का सुझाव

साल 2023 में मिचौंग नाम का जो चक्रवात तबाही मचा रहा है, इसका यह नाम रखने का सुझाव म्यांमार ने दिया था। इसका उच्चारण म्यांमार भाषा में Migjaum होगा, जिसका अर्थ है ताकत और लचीलापन। यह नाम मजबूती और सामर्थ्य को दर्शाता है। हिंद महासागर में उठने वाला यह छठा चक्रवात है। वहीं चक्रवातों के अजीबो-गरीब नाम रखने जाते हैं, जैसे कटरीना, बुलबुल, लीजा, पैलिन, लैरी, हुदहुद, निसर्ग, अंफान, निवार, बिपरजॉय आदि शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग देशों में अलग-अलग संगठनों द्वारा चक्रवातों का नाम रखे जाते हैं। इसमें विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) और राष्ट्रीय मौसम विज्ञान अहम भूमिका निभाता है। हर देश 10 नामों की सूची इन दोनों संगठनों को देता है, जिसमें से एक नाम फाइनल किया जाता है।

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स्पीड के आधार पर रखे जाते चक्रवातों के नाम

संयुक्‍त राष्‍ट्र की वर्ल्‍ड मेट्रोलाजिकल ऑर्गेनाइजेशन ने चक्रवाती तूफानों के नाम तय करने के लिए कुछ नियम बनाए हैं। अटलांटिक क्षेत्रों में 1953 से चक्रवातों के नाम रखे जा रहे। हिंद महासागर क्षेत्र में 2004 से चक्रवातों के नाम रखे जा रहे। हिंद महासागर क्षेत्र के 8 देशों में भारत, बांग्‍लादेश, मालदीव, म्‍यांमार, ओमान, पाकिस्‍तान, थाइलैंड और श्रीलंका शामिल हैं। ईरान, कतर, सऊदी अरब, UAE और यमन 2019 से नाम रखते आ रहे हैं। यही 13 देश चक्रवातों का नाम रखते हैं। अगले 25 सालों के लिए चक्रवातों के नाम पहले से तय हैं। भारत ने गति, तेज, मुरासु, आग, नीर, प्रभंजन घुरनी, अंबुल जलाधि और वेग नाम दिया है। तूफान का नाम उसकी स्पीड को ध्यान में रखकर तय किया जाता है। जिस तूफान की स्पीड 118 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, उसे भयानक तूफान कहते हैं। जिसकी स्पीड 221 किलोमीटर प्रति घंटा होती है, उसे सुपर चक्रवाती तूफान कहते हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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