बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनावों में बसपा महज उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नहीं, बल्कि 'शासक वर्ग' बनने के संकल्प के साथ मैदान में उतरेगी. हाल ही में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ हुई मैराथन बैठक में उन्होंने जीत का नया ब्लूप्रिंट साझा किया है. बैठक के दौरान ऑल इंडिया स्तर पर हुई पिछली बैठक के निर्देशों की समीक्षा की गई. मायावती ने पिछली कमियों को दूर करते हुए इन तीन प्रमुख राज्यों में पार्टी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और और जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया है.
'सत्ता की मास्टर चाबी' को अपने हाथ में लेना है
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए अपनी सक्रियता तेज कर दी है. लखनऊ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मायावती ने मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ की स्टेट कमेटियों के साथ रणनीतिक मंथन किया. बैठक के दौरान मायावती ने साफ किया कि जातिवादी शोषण और गरीब विरोधी शासन से मुक्ति पाने का एकमात्र रास्ता 'सत्ता की मास्टर चाबी' अपने हाथ में लेना है. उन्होंने तीनों राज्यों के पदाधिकारियों को मिशनरी भावना के साथ काम करने के निर्देश दिए.
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बैठक में भावुक हुईं मायावती
मायावती ने भावुक होते हुए कहा कि मान्यवर कांशीराम जी ने जिस मिशन के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उसे पूरा करने के लिए वह जी-जान से जुटी हैं. मायावती ने कहा कि जब-जब और जहां-जहां BSP मजबूत हुई है, वहां दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का वास्तविक भला हुआ है. अब चुनावी सफलता अर्जित करना समय की सबसे बड़ी मांग है. मायावती ने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि अम्बेडकरवादी मूवमेंट को आगे बढ़ाकर ही बहुजन समाज अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है.
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