Maratha Reservation: महाराष्ट्र के बीड जिले में चल रहा मराठा आरक्षण आंदोलन हिंसक हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बीड में विधायकों के आवास, दुकान और दफ्तरों में तोड़तोड़ की। हिंसक आंदोजन के बाद धाराशिव और बीड जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं इस मामले में प्रदेश की सरकार डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया। उन्होंने बुधवार सुबह 10.30 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। राज्य सरकार इसमें आम सहमति के लिए सभी दलों के साथ बैठकर चर्चा करेगी।
'ये सरकार की जिम्मेदारी'
इससे पहले सीएम शिंदे ने कहा- निश्चित रूप से मराठा समाज को टिकाऊ और कानून के दायरे में पूरा आरक्षण मिलेगा। ये सरकार की जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि अन्य समाज को भी बाधा नहीं पहुंचे। जस्टिस शिंदे की कमेटी और क्यूरेटिव पिटीशन के जरिए सुप्रीम कोर्ट में भी हमारा काम शुरू है। बैकवर्ड कमीशन को डेटा कलेक्ट करने का काम दिया गया है। सरकार मराठों को आरक्षण देने के बारे में सकारात्मक है।
मराठा आंदोलन शांतिप्रिय
सीएम ने आगे कहा- मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे के आंदोलन शांतिप्रिय होते हैं। इस आंदोलन को कौन भड़काने का काम कर रहा है, इस पर हमारा पूरा ध्यान है। हमारी सरकार राज्य में कानून व्यवस्था संभालने की पूरी कोशिश करने की कोशिश करती है। किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने नहीं दी जाएगी।
समय और सब्र रखने की जरूरत
सीएम ने आगे कहा- हमें थोड़ा समय और सब्र रखने की जरूरत है। इसमें सकल मराठा के लोगों का सहयोग आवश्यक है। कार्यकर्ताओं को ऐसे लोगों को पहचानना चाहिए जो शांति बिगाड़ रहे हैं। वहीं उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा- कल बीड़ जिले में जो घटना हुई है उसका समर्थन नहीं किया जा सकता, कुछ लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस 307 के तहत केस दर्ज कर रही है। ओबीसी नेताओं को धमकी देने वालों पर भी कार्रवाई का आदेश दिया गया है। हम मराठा आरक्षण को लेकर गंभीर हैं। कुछ निर्णय कैबिनेट में हुआ है। हम सुप्रीम कोर्ट में भी पक्ष मजबूती से रखेंगे।
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