कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मंगलवार को हुई बैठक में चुनाव आयोग के खिलाफ कड़े प्रस्तावों के बीच नेताओं के हल्के-फुल्के अंदाज भी देखने को मिले. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसद शशि थरूर पर मजाकिया अंदाज में चुटकी ली. वहीं, राहुल गांधी ने भी कांग्रेस नेताओं के पीछे मजबूती से खड़े रहने की बात पर एक चुटीला कमेंट कर सबको मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया.
‘आर्टिकल लिखने के बजाय कार्यक्रम में आइए’
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा चल रही थी कि चुनाव आयोग और एसआईआर के खिलाफ विपक्ष को पूरे देश में रैली कब से शुरू करनी चाहिए. इस पर तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने सुझाव दिया कि पहली बड़ी रैली 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित की जानी चाहिए. थरूर का सुझाव सुनते ही मल्लिकार्जुन खरगे ने उनकी तरफ इशारा करते हुए तपाक से कहा, ‘आप उस कार्यक्रम में जरूर शामिल होइएगा. ऐसा न हो कि बाद में हम सिर्फ अखबारों में आपके लिखे लेख ही पढ़ते रह जाएं.’ इस पर थरूर कुछ नहीं बोले और केवल सिर हिलाकर मुस्कुराकर रह गए.
राहुल गांधी ने क्या मारा तंज?
बैठक में ऐसा ही एक और हल्का फुल्का पल देखने को मिला. जब मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पूरी कांग्रेस उनके पीछे मजबूती से खड़ी है. इस पर राहुल गांधी ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘पीछे खड़े रहना तो ठीक है, लेकिन उम्मीद है कि वे बहुत ज्यादा पीछे नहीं छूट रहे होंगे.’
जब आमने-सामने हुए सोनिया गांधी-दिग्विजय सिंह
वहीं, इस बैठक में एक मौका ऐसा भी आया जब नीतीश कुमार को लेकर सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह दोनों आमने सामने आ गए. सूत्रों के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने बैठक में कहा कि हमें नीतीश कुमार को ‘इंडिया’ गठबंधन छोड़कर नहीं जाने देना चाहिए था और आज वो हमारे साथ होते तो देश की राजनीतिक स्थिति बिल्कुल अलग होती.
इस पर सोनिया गांधी ने कहा कि शुक्र है कि नीतीश कुमार समय रहते चले गए. उनका वहीं जाना तय था. साथ ही उन्होंने कहा कि वे गठबंधन छोड़कर जाने के लिए नए-नए रास्ते खोज रहे थे. इसके साथ ही सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि नीतीश पूरी तरह से भाजपा के इशारों पर काम कर रहे थे.