Mahayuti OBC Non Creamy Layer Demand Decoded: महाराष्ट्र चुनाव से पहले OBC वर्ग को लुभाने के लिए सत्ताधारी पार्टी महायुति ने नई रणनीति ढूंढ निकाली है। हरियाणा में OBC वर्ग का समर्थन मिलने के बाद अब महायुति ने महाराष्ट्र में भी नया दांव चलने की तैयारी कर ली है। राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले नॉन क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की मांग हो रही है। महायुति ने केंद्र सरकार से नॉन क्रीमी लेयर की आय सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख करने की अपील की है। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसी के साथ महाराष्ट्र के 7 समुदायों को OBC लिस्ट में जोड़ने की मांग हो रही है।
OBC समुदाय ही क्यों?
बता दें कि महाराष्ट्र में 351 समुदायों का नाम OBC सूची में शामिल हैं, जो कि महाराष्ट्र की आबादी का 52 प्रतिशत हैं। इनमें से 291 समुदाय केंद्र की OBC सूची का भी हिस्सा हैं। ऐसे में नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लास (NCBC) ने 7 अन्य समुदायों को OBC लिस्ट में जोड़ने का सुझाव दे दिया है। जाहिर है महाराष्ट्र चुनाव से पहले महायुति OBC समुदाय का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
यह भी पढ़ें- 17 अक्टूबर को हरियाणा के CM पद की शपथ लेंगे नायब सिंह सैनी, पीएम मोदी भी होंगे शामिल
लोकसभा चुनाव से सीखा सबक?
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बीजेपी को महाराष्ट्र में भी गहरा धक्का लगा था। मुस्लिम, मराठा और दलितों ने बीजेपी से किनारा कर लिया था। ऐसे में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी चुनाव से 1 महीने पहले ही अपने पारंपरिक वोट बैंक OBC लुभाने में लग गई है। 1980 के दशक में बीजेपी को ब्राह्मणों और बनियों की पार्टी कहा जाता था। मगर समय के साथ बीजेपी ने महाराष्ट्र के माधव, माली, धांगड़ और वनजारी समुदाय में भी अपनी पैठ बना ली। OBC आरक्षण का मुद्दा उठाकर बीजेपी फिर से इस समुदाय का विश्वास जीतने की जद्दोजहद में जुटी है।
मराठा आरक्षण से हुआ नुकसान
पिछले कई सालों में बीजेपी ने मराठाओं का समर्थन भी जीता है। हालांकि मनोज पाटिल ने मराठा आरक्षण के तार छेड़े, जिसका नुकसान बीजेपी को लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ा। इसकी भरपाई करने के लिए अब बीजेपी ने फिर से OBC समुदाय को अपने पक्ष में करने की रणनीति बना ली है। हालांकि विपक्ष (MVA) ने महायुति की रणनीति को जुमला करार दिया है। MVA गुट का कहना है कि OBC से जुड़ा कोई भी फैसला इतनी जल्दी नहीं लिया जाएगा।
ये है महायुति की मांग
बता दें कि महायुति ने केंद्र सरकार से नॉन क्रीमी लेयर की आय सीमा बढ़ाने की मांग की है। वर्तमान में नॉन क्रीमी लेयर का सर्टिफिकेट उन लोगों को मिलता है, जिनकी पारिवारिक आय 8 लाख से कम है। वहीं महायुति की मांग है कि इसे बढ़ाकर 15 लाख कर दिया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग आरक्षण का लाभ उठा सकें।
यह भी पढ़ें- ‘नीतीश कुमार को NDA के साथ नहीं जाना था…’ जेपी मामले में कांग्रेस की एंट्री, CM पर ली चुटकी
संबंधित खबरें
LIVE: आज दिल्ली में जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन, 38000 जवान तैनात
17 mins agoमहिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण पर पीएम मोदी का जोर
7 hrs agoदिल्ली मेट्रो पर बड़ा अपडेट, अब 57 नहीं 45 स्टेशन बंद; कर सकेंगे इंटरचेंज
8 hrs agoदिल्ली में 10 अक्टूबर को इन रास्तों पर जाने से बचें, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
9 hrs ago'अपने राज्य में न दें प्रदर्शन की अनुमति', गृह मंत्रालय का निर्देश
9 hrs ago'राष्ट्रपति ने हमारी बात मानी, अब जाएंगे SC', राहुल गांधी का बड़ा बयान
9 hrs agoमेट्रो-ट्रेनें बंद करने पर सांसद राजीव शुक्ला ने जताया ऐतराज
9 hrs ago'सरकार को बर्खास्त करना होगा', इंडिया गठबंधन की बैठक में बोले राहुल गांधी
11 hrs agoदिल्ली में सख्त पाबंदी! स्कूल से लेकर मेट्रो और इंटरनेट तक, क्या-क्या बंद?
11 hrs agoदिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शन का असर, कौन-कौन सी ट्रेनें रद्द?
13 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines