Mahayuti OBC Non Creamy Layer Demand Decoded: महाराष्ट्र चुनाव से पहले OBC वर्ग को लुभाने के लिए सत्ताधारी पार्टी महायुति ने नई रणनीति ढूंढ निकाली है। हरियाणा में OBC वर्ग का समर्थन मिलने के बाद अब महायुति ने महाराष्ट्र में भी नया दांव चलने की तैयारी कर ली है। राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले नॉन क्रीमी लेयर की सीमा बढ़ाने की मांग हो रही है। महायुति ने केंद्र सरकार से नॉन क्रीमी लेयर की आय सीमा 8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख करने की अपील की है। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसी के साथ महाराष्ट्र के 7 समुदायों को OBC लिस्ट में जोड़ने की मांग हो रही है।
OBC समुदाय ही क्यों?
बता दें कि महाराष्ट्र में 351 समुदायों का नाम OBC सूची में शामिल हैं, जो कि महाराष्ट्र की आबादी का 52 प्रतिशत हैं। इनमें से 291 समुदाय केंद्र की OBC सूची का भी हिस्सा हैं। ऐसे में नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लास (NCBC) ने 7 अन्य समुदायों को OBC लिस्ट में जोड़ने का सुझाव दे दिया है। जाहिर है महाराष्ट्र चुनाव से पहले महायुति OBC समुदाय का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है।
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लोकसभा चुनाव से सीखा सबक?
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बीजेपी को महाराष्ट्र में भी गहरा धक्का लगा था। मुस्लिम, मराठा और दलितों ने बीजेपी से किनारा कर लिया था। ऐसे में विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी चुनाव से 1 महीने पहले ही अपने पारंपरिक वोट बैंक OBC लुभाने में लग गई है। 1980 के दशक में बीजेपी को ब्राह्मणों और बनियों की पार्टी कहा जाता था। मगर समय के साथ बीजेपी ने महाराष्ट्र के माधव, माली, धांगड़ और वनजारी समुदाय में भी अपनी पैठ बना ली। OBC आरक्षण का मुद्दा उठाकर बीजेपी फिर से इस समुदाय का विश्वास जीतने की जद्दोजहद में जुटी है।
मराठा आरक्षण से हुआ नुकसान
पिछले कई सालों में बीजेपी ने मराठाओं का समर्थन भी जीता है। हालांकि मनोज पाटिल ने मराठा आरक्षण के तार छेड़े, जिसका नुकसान बीजेपी को लोकसभा चुनाव में उठाना पड़ा। इसकी भरपाई करने के लिए अब बीजेपी ने फिर से OBC समुदाय को अपने पक्ष में करने की रणनीति बना ली है। हालांकि विपक्ष (MVA) ने महायुति की रणनीति को जुमला करार दिया है। MVA गुट का कहना है कि OBC से जुड़ा कोई भी फैसला इतनी जल्दी नहीं लिया जाएगा।
ये है महायुति की मांग
बता दें कि महायुति ने केंद्र सरकार से नॉन क्रीमी लेयर की आय सीमा बढ़ाने की मांग की है। वर्तमान में नॉन क्रीमी लेयर का सर्टिफिकेट उन लोगों को मिलता है, जिनकी पारिवारिक आय 8 लाख से कम है। वहीं महायुति की मांग है कि इसे बढ़ाकर 15 लाख कर दिया जाए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग आरक्षण का लाभ उठा सकें।
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