महाकुंभ में आज भगदड़ के बाद यूपी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने IAS आशीष गोयल और भानु गोस्वामी को तत्काल प्रभाव से प्रयागराज पहुंचने को कहा गया है। बता दें 2019 अर्ध कुंभ में दोनों अधिकारी काम कर चुके हैं। दोनों के पूर्व अनुभव को देखते हुए उन्हें मेले का एडिशन चार्ज दिया गया है। इसके अलावा सरकार ने 5 और विशेष सचिव रैंक के अधिकारियों को महाकुंभ भेजा है।
मौनी अमावस्या पर बुधवार को दोपहर 2 बजे तक त्रिवेणी में करीब 4 करोड़ लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। जानकारी के अनुसार 13 जनवरी से अब तक करीब 25 करोड़ लोगों डुबकी लगा चुके हैं। बता दें आज सुबह महाकुंभ में भगदड़ मच गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर दुख जताते हुए कहा कि महाकुंभ में दुःखद हादसा हुआ है। हमनें हादसे में कुछ पुण्यात्माओं को खोया पड़ा है और कई लोगों को चोंटे भी आई है। मैं प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
महाकुंभ में भगदड़ के बाद परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा किजो कुछ भी हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। प्रशासन के आदेशों और संदेशों का पालन किया जाना चाहिए था। लोग बड़ी संख्या में आ रहे हैं और पवित्र स्नान कर रहे हैं। मैं उन लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई। वहीं, बुधवार शाम नागा साधु अमृत स्नान के लिए त्रिवेणी संगम के लिए निकल चुके हैं।
महामंडलेश्वर अवधेशानंद जी महाराज बुधवार शाम महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए पहुंचे हैं। इससे पहले आज सुबह मौनी अमावस्या के चलते महाकुंभ में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ अधिक होने के चलते यहां भगदड़ मच गई।
महाकुंभ में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सोनभद्र से लगे चार राज्यों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार इन बॉर्डरों पर हजारों की तादाद में श्रद्धालु एकत्रित हैं। इन बॉर्डरों से प्रयागराज जा रहे वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी का कहना है कि हम अमृत स्नान के लिए जा रहे हैं और मेरे साथ हजारों साधु-संत और नागा आ रहे हैं। हम बहुत जल्दी घाट खाली कर देंगे, ताकि यहां आए सभी श्रद्धालुओं को सुविधा हो सके।
पवित्र डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज में संगम पर पहुंचने पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती कहते हैं, “कुंभ के दौरान संगम में पवित्र डुबकी लगाना एक सनातनी परंपरा रही है। सभी प्रकार के लोग एक हो जाते हैं और यहां पवित्र डुबकी लगाते हैं। सामाजिक एकता का भी प्रतीक है, अध्यात्म का समागम है। जो हुआ उससे हर कोई दुखी है। अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि ऐसा न हो दोबारा।
ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, श्रृंगेरी पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी विदुशेखर भारती और अन्य संत ‘मौनी अमावस्या’ के अवसर पर पवित्र स्नान करने के लिए संगम पहुंचे।
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले का कहना है कि घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी और पूरा देश चिंतित है। PM नरेंद्र मोदी ने स्थिति का संज्ञान लिया है। ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन वहां 8-10 करोड़ लोग मौजूद हैं और सभी व्यवस्थाओं के बावजूद, ऐसी घटना हुई और मुझे यकीन है कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि ऐसा दोबारा न हो।
मौनी अमावस्या पर ‘अमृत स्नान’ के बाद पंचायती निरंजनी अखाड़े के दिगंबर नागा बाबा चिदानंद पुरी कहते हैं कि आज एक अप्रत्याशित घटना के कारण, हमारी (अखाड़ों की) शोभा यात्रा नहीं निकाली जा सकी। हम अब निकालने आ रहे हैं। कम संख्या में पवित्र स्नान करेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया कि प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में हुआ हादसा बेहद दर्दनाक है। जिन लोगों ने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। साथ ही मैं शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। सभी घायलों की रिकवरी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पीड़ितों को हर संभव मदद प्रदान कर रहा है।
महाकुंभ के DIG वैभव कृष्ण कहते हैं कि अखाड़ों का अमृत स्नान शुरू होने वाला है। सब कुछ पारंपरिक रूप से किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन सभी अखाड़ों को उनके पारंपरिक जुलूसों में मदद करेगा। स्थिति नियंत्रण में है। आज सुबह की घटना के कारणों पर गौर करें तो यह 10 करोड़ से अधिक भक्तों के आने की उम्मीद के कारण हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया कि प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ बेहद दुखद है। मैं घायल श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सभी घायल श्रद्धालु जल्द ठीक हो जाएं।
मौनी अमावस्या के अवसर पर अखाड़ों और संतों के अमृत स्नान के लिए पुलिस द्वारा मार्ग प्रशस्त करते हुए त्रिवेणी संगम पर भारी सुरक्षा तैनात की गई है। पूरे रास्ते को खाली करा दिया गया है, ताकि सभी 13 अखाड़ों के साधु संत पवित्र स्नान कर सकें।
महाकुंभ में भगदड़ पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का कहना है कि कुंभ आस्था का विषय है। वहां श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्था की गई है? महिलाओं को सड़कों पर सोना पड़ रहा है। अखिलेश यादव के कार्यकाल में कुंभ में व्यवस्थाएं सबसे अच्छी थीं, जब केंद्रीय मंत्री और वीआईपी आते हैं तो व्यवस्था पर दबाव पड़ता है… 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मुख्यमंत्री योगी से बातचीत की है और लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।
प्रियंका गांधी ने महाकुंभ में भगदड़ पर कहा कि तीर्थराज प्रयाग में मौनी अमावस्या के अवसर पर हुए हादसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। सरकार से अपील है कि घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो। मृतकों की पहचान कर उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाया जाए और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को सर्वोपरि रखकर त्वरित इंतजाम किए जाएं, ताकि आगे के सभी स्नान सकुशल संपन्न हों। अखाड़ों के शाही स्नान की सदियों पुरानी परंपरा को भी संपन्न कराने का प्रयास किया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं से विनती है कि वे धैर्य और शांति से स्नान-दान संपन्न करें।
महाकुंभ में भगदड़ की जांच करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने राज्य मानवाधिकार आयोग में केस दर्ज कराया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफवाह के चलते संगम नोज पर भगदड़ मची। कुछ महिलाएं जमीन पर गिर गईं और लोग उन्हें कुचलते हुए निकल गए। महाकुंभ को सबसे ज्यादा दुष्प्रभावित VIP कल्चर ने किया है और यह अभी भी जारी है, जिसमें प्रतिदिन आमजन को रोककर VIP को रास्ता दिया जाता है, जिससे भीड़ एकजुट हो जाती है और भगदड़ की संभावना बन जाती है।
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भगदड़ मचने से 10 से अधिक श्रद्धालुओं की मृत्यु एवं कई श्रद्धालुओं के घायल होने का समाचार बेहद कष्ट देने वाला है। मैं ईश्वर से दिवंगतजनों को श्रीचरणों में स्थान एवं घायलों को जल्द स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं। यह प्रतिक्रिया राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयां की।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी कहते हैं कि आज हम अपने देवताओं को स्नान कराएंगे। चूंकि यहां भीड़ बहुत ज्यादा है, इसलिए हम कम संख्या में घाट पर जाएंगे। हम अपने साधु-संतों से कोशिश कर रहे हैं कि आज जब तक ऐसा न हो अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें घाटों की स्थिति और भीड़ को ध्यान में रखना होगा। वसंत पंचमी पर अगला अमृत स्नान निश्चित रूप से भव्य होगा। अगर हम अपने देवताओं को स्नान करा सकें, हम मानेंगे कि हमने स्वयं स्नान कर लिया है। हमें अभी तक प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन जैसे ही हमें अनुमति मिलेगी, हम इस बार बड़ा जुलूस नहीं निकालेंगे।