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उपेंद्र द्विवेदी और दिनेश त्रिपाठी कौन? पहली बार 2 क्लासमेट संभालेंगे सेना और नौसेना की कमान

Lt Gen Upendra Dwivedi: लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी जल्द भारतीय सेना की कमान संभालेंगे। वहीं, एडमिरल दिनेश त्रिपाठी नौसेना चीफ का चार्ज ले चुके हैं। भारतीय सैन्य इतिहास में पहली बार दो सहपाठी ऐसा रिकॉर्ड कायम करने जा रहे हैं। दोनों के बीच गहरी दोस्ती है।

दिनेश त्रिपाठी और उपेंद्र द्विवेदी।
Admiral Dinesh Tripathi: पहली बार भारतीय सैन्य इतिहास में अनोखा रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। पहली बार दो सहपाठी और गहरे दोस्त भारतीय सेना और नौसेना चीफ की कमान संभालते नजर आएंगे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एडमिरल दिनेश त्रिपाठी की। उपेंद्र द्विवेदी जल्द ही भारतीय सेना की कमान संभालने जा रहे हैं। वहीं, एडमिरल दिनेश त्रिपाठी नेवी चीफ की पोस्ट पर 1 मई को काबिज हो चुके हैं। बता दें कि दोनों बचपन से गहरे दोस्त हैं। दोनों क्लासमेट रहे हैं। दोनों ने पांचवीं की पढ़ाई एक ही स्कूल से की है।

आसपास ही थे दोनों के रोल नंबर

दोनों के रोल नंबर भी आसपास ही थे। बताया जा रहा है कि उपेंद्र द्विवेदी का रोल नंबर 931 और एडमिरल त्रिपाठी का रोल नंबर 938 था। शुरुआती दिनों की दोस्ती अब तक जारी है। दोनों ने अलग-अलग बलों में काम किया, लेकिन हमेशा एक-दूसरे से संपर्क बना रहा। 1970 के शुरुआत में पढ़ाई के दौरान हुई दोस्ती आज भी जारी है। दोनों अधिकारियों को जानने वाले एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि सेना में वरिष्ठ नेतृत्व के बीच मजबूत दोस्ती होना काफी मायने रखती है। यह दोनों बलों के आपसी कामकाज और दूसरे संबंधों को मजबूत करने में काफी अहम होती है। यह भी पढ़ें:जल्द चांद पर होंगे भारतीय! मेगा रॉकेट ‘सूर्य’ तैयार होने के करीब… जानें क्या बोले ISRO चीफ रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि दो विलक्षण छात्रों को शिक्षित करने का यह दुर्लभ सम्मान है। दोनों अब 50 साल बाद अपनी-अपनी सेनाओं का नेतृत्व करने को तैयार हैं। इसका पूरा श्रेय मध्य प्रदेश के रीवा स्थित सैनिक स्कूल को जाता है। दोनों सहपाठियों की नियुक्तियां भी एक ही समय में हुई हैं। सिर्फ दो ही महीने का गैप नियुक्तियों के बीच था। एडमिरल एक मई को अपना कार्यभार संभाल चुके हैं। वहीं, जनरल द्विवेदी कल अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी के पास उत्तरी सेना कमांडर का लंबे कार्यकाल का अनुभव है। चीन से तनातनी के बीच वे एलएसी पर भी काफी सक्रिय रह चुके हैं। 1 जुलाई 1964 को द्विवेदी का जन्म हुआ था। उन्होंने भारतीय सेना में 15 दिसंबर 1984 को जम्मू और कश्मीर राइफल्स में कमीशन ग्रहण किया था।


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