LPG Shortage India: मिडिल ईस्ट में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में आई रुकावट के बीच सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक भारत में एलपीजी (LPG) की भारी किल्लत की खबरें तैर रही हैं. हाल ही में आई 'निक्केई एशिया' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एलपीजी कंज्यूमर यानी भारत, इन दिनों हर रोज 4 लाख बैरल एलपीजी की कमी से जूझ रहा है. अब इस हड़कंप मचाने वाली रिपोर्ट पर भारत सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और स्थिति को पूरी तरह साफ कर दिया है.

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सरकार ने दावों को किया खारिज, कहा- सप्लाई बिल्कुल सामान्य

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक बयान जारी कर एलपीजी की कमी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि देश में एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है. सुजाता शर्मा के मुताबिक, "हमारे पास एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू उत्पादन (LPG Production) में भी बढ़ोतरी हुई है. इसे बढ़ाकर अब लगभग 46,000 से 47,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है." उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में कुकिंग गैस की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है. पिछले तीन दिनों के भीतर ही 1.32 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.34 करोड़ घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की जा चुकी है, जो यह साबित करता है कि जमीन पर कोई संकट नहीं है.

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क्या था निक्केई एशिया की रिपोर्ट में?

निक्केई एशिया की रिपोर्ट में केप्लर के आंकड़ों के हवाले से कहा गया था कि अप्रैल महीने में भारत का एलपीजी आयात घटकर 377,620 बैरल प्रति दिन रह गया, जो फरवरी में 851,870 बैरल प्रति दिन था. भारत पहले अपनी जरूरत का 60 फीसदी एलपीजी आयात करता था और इसका करीब 90% हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता था.

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सरकार का 'प्लाॉन-बी' आया काम

होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण भारत सरकार ने तुरंत अपने 'प्लान-बी' पर काम शुरू किया और सिर्फ मिडिल ईस्ट पर निर्भर रहने के बजाय आयात के स्रोतों को बदला. भारत ने ईरान, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और चिली जैसे नए देशों से एलपीजी की खरीद शुरू की. हालांकि ऑस्ट्रेलिया से गैस आने में 20 दिन और अमेरिका या अर्जेंटीना से आने में 35-45 दिन का समय लगता है, लेकिन सरकार के इस कदम से सप्लाई चेन टूटने से बच गई. इसके अलावा सरकार ने घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने और सिलेंडर बुकिंग की टाइमलाइन में भी बदलाव किए हैं.

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दामों में हुआ है इजाफा, तेल कंपनियों ने भी दी सफाई

भले ही गैस की कमी न हो, लेकिन उपभोक्ताओं की जेब पर असर जरूर पड़ा है. मार्च की शुरुआत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे, वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में दो बार बढ़ोतरी कर 1 मई 2026 को इसे सीधे 993 रुपये महंगा कर दिया गया था. दूसरी ओर, पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों पर देश की बड़ी तेल कंपनी HPCL ने भी स्थिति साफ की है. HPCL ने सोशल मीडिया पर कहा कि तेल सप्लाई में रुकावट की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं. सभी पेट्रोल पंपों पर सप्लाई नॉर्मल है. कंपनी ने आम जनता से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग न करें और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर बिल्कुल भरोसा न करें.

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