Lower Birth Rules: ट्रेन में सबसे पहले इनको मिलती है लोअर बर्थ, जानें क्या है नियम?
Edited By Rakesh Choudhary

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Lower Birth Rules: ट्रेन में यात्रा करने वाले अधिकांश लोग लोअर बर्थ लेना पसंद करते हैं। विशेषतौर से बुजुर्ग और बच्चे जिनको ऊपर वाली बर्थ पर जाने के लिए चढ़ने व उतरने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इन लोगों की यह कोशिश होती है कि उन्हें लोअर बर्थ मिल जाए। बता दें कि रेलवे ने लोअर बर्थ के अलाॅटमेंट को लेकर कुछ नियम बनाए हुए हैं। इसी के आधार पर लोअर सीट यात्रियों को अलाॅट की जाती है।
रेलवे के रिजर्वेशन नियमों के अनुसार हर श्रेणी में 1-2 सीटाें को दिव्यागों के लिए आरक्षित किया जाता है। जानकारी के अनुसार स्लीपर में 2 लोअर सीट, थर्ड एसी और इकोनाॅमी में भी 2-2 लोअर सीट दिव्यागों के लिए आरक्षित होती है। आरक्षित सीटों के अलावा अन्य लोअर सीटों पर भी दिव्यागों को ही तरजीह मिलती है। इसके बाद गर्भवती महिला और बुजुर्गों को यह सीट आरक्षित की जाती है। इसके बाद आम यात्रियों को यह सुविधा मिलती है।
इसके अलावा सामान्य व्यक्ति भी लोअर सीट बुक कर सकता है। इसके लिए बुकिंग करते समय आपकों सीट प्रिफरेंस में लोअर सीट सलेक्ट करनी होती है। इसके बाद रेलवे अपने नियम के हिसाब से सीट बुक करता है। इस तरीके से आप लोअर बर्थ मिलने की संभावना को बढ़ा सकते हैं।
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