तकनीक की दुनिया में जहां बड़े-बड़े AI टूल्स के लिए महंगे क्लाउड सर्वर और तेज इंटरनेट की जरूरत होती है, वहीं एक 8 साल के नन्हे डेवलपर ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. 'प्रोजेक्ट्स बाय लक्ष' के सह-संस्थापक लक्ष ने महज 760 रुपए कंट्रोलर चिप का इस्तेमाल करके एक ऐसा AI स्टोरीटेलिंग डिवाइस बनाया है, जो बिना वाई-फाई या इंटरनेट के पूरी तरह 'ऑफलाइन' काम करता है.
बोलने पर खुद बनाएगा और सुनाएगा कहानी
यह छोटा सा AI डिवाइस पूरी तरह से आवाज पर काम करता है. जब इसे 'एक मजेदार कहानी बनाओ' जैसा कमांड दिया जाता है, तो यह तुरंत एक नई कहानी तैयार कर लेता है. इतना ही नहीं, यह डिवाइस कहानी को जोर से पढ़कर सुनाता है और साथ ही स्क्रीन पर सरल एनिमेशन भी दिखाता है. उपयोगकर्ता अपनी आवाज से ही कहानी को 'प्ले', 'पॉज', 'रिज्यूम' या 'अगली कहानी' पर जाने का निर्देश भी दे सकते हैं.
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बिना इंटरनेट और क्लाउड के ऐसे करता है काम
लक्ष ने इस डिवाइस को बनाने के लिए ESP32-S3 माइक्रोकंट्रोलर, INMP441 माइक्रोफोन, I2S स्पीकर और MAX98357A एम्पलीफायर का इस्तेमाल किया है. इस पूरे सिस्टम को चलाने के लिए किसी API या इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती.
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उन्होंने डेवलपर slvDev के 'TinyStories LLM' नामक ओपन-सोर्स भाषा मॉडल को मॉडिफाई करके इसमें वॉयस कंट्रोल, प्लेबैक और एनिमेशन जैसे नए फीचर्स जोड़े हैं. इसका सोर्स कोड GitHub पर भी उपलब्ध है, ताकि अन्य डेवलपर्स भी इस पर काम कर सकें.
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आवाज सुधारने पर चल रहा है काम
लक्ष के मुताबिक, फिलहाल इस डिवाइस की मुख्य सीमा इसकी टेक्स्ट-टू-स्पीच (TTS) आवाज की गुणवत्ता है, जो थोड़ी बुनियादी लगती है. उनका अगला लक्ष्य इस AI की बोलने की आवाज में सुधार करना है.
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लक्ष पारंपरिक स्कूल जाने के बजाय एक लचीले ऑनलाइन लर्निंग मॉडल से पढ़ाई करते हैं. इससे उन्हें यात्रा करने, नई चीजें सीखने और स्वतंत्र रूप से काम करने की आजादी मिलती है. वे अपना ज्यादातर समय उद्यमियों और संस्थापकों के साथ बिताते हैं.