कुमार गौरव, दिल्ली: इस बार जातीय जनगणना और समुदाय के आरक्षण की मांग ने पूरे देश में जोर पकड़ लिया है। इस बीच सियासी समीकरण भी नया मोड़ ले रहा है। अर्थात, इस बार पार्टी के लिहाज से ए श्रेणी (जीत की प्रबल संभावना) वाली सीटों पर भी प्रत्याशियों को बदला जा सकता है। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्रत्याशियों की सूची तैयार करने के लिए बनाई गई है समिति
सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने लोकसभा 2024 के लिहाज से संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय एक समिति गठित की है, जिनमें सुनील बंसल, विनोद तावड़े और राधा मोहन अग्रवाल को शामिल किया गया है। वहीं, सियासी जरुरतों के मुताबिक इस बार संभावित प्रत्याशियों की सूची में बड़े उलटफेर की संभावना जताई जा रही है।
जातीय समीकरण के लिहाज से बदली जा सकती हैं सीटें
इसके अलावा बिहार और उत्तर प्रदेश में जातीय जनगणना की मांग के आलोक में सीटों के जातीय समीकरण आने वाले दिनों में प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में यदि ओबीसी समुदाय बाहुल्य सीटों का मौजूदा भाजपा सांसद दूसरी जाति का है तो, उसकी सीट अगले लोकसभा चुनाव में बदली जा सकती है। इस प्रकार से कुल मिलाकर 100 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार बदले जाने की संभावना है।
फीडबैक के आधार पर किया जा रहा मूल्यांकन
फिलहाल, बीजेपी में राज्यों के प्रभारी, महासचिव, राज्य के संगठन महासचिव, मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष के फीडबैक के आधार पर सीटों का मूल्यांकन किया जा रहा है। वहीं, 14 जनवरी के बाद लोकसभा चुनाव के लिहाज से 40 प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अब देखने वाली बात यह है कि क्या कमजोर सीटों के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा पार्टी लोकसभा चुनाव घोषित होने से पहले करेगी।