Lawrence Bishnoi Jaggu Bhagwanpuria Sidhu Moose Wala murder Case: सिद्धू मूसेवाला कत्ल मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवान पुरिया की ओर से अदालत में अर्जी दायर की गई है। पंजाब की मानसा की अदालत में दायर अर्जी में दोनों ने अपने आपको बेकसूर बताया है। लॉरेंस और जग्गू ने अदालत से गुहार लगाई है कि उन्हें इस केस से डिस्चार्ज किया जाए।
अर्जी में ये भी कहा गया है कि पुलिस अब तक उनके खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं कर सकी है। बता दें कि 29 मई 2022 को मानसा के जवाहरके गांव में मूसेवाला की उनकी कार में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हालांकि कुछ समय पहले गैंगस्टर बिश्नोई ने एक इंटरव्यू में कहा था कि सिद्धू मूसेवाला के मर्डर की प्लानिंग मेरी नहीं थी। गोल्डी बराड़ ने अपना काम किया है। बिश्नोई ने ये भी कहा था कि मैं सिद्धू मूसेवाला से खफा था क्योंकि वह हमारे खिलाफ काम करने वाले गैंग को सपोर्ट करता था। वहीं जग्गू भगवानपुरिया की बात की जाए तो इस साल सितंबर में उसका नाम चर्चा में था।
सुखदुल सिंह उर्फ सुक्खा दुनुके की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। बताया जाता है कि पहले लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और सिद्धू मूसेवाला दोस्त थे और एक साथ काम करते थे, लेकिन अब इनकी राहें जुदा हो चुकी हैं। अब गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई एक-दूसरे के सपोर्ट के साथ काम करते हैं।
अगस्त में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए अधिकारियों ने मूसेवाला मर्डर के मास्टरमाइंड में से एक धर्मनजोत सिंह काहलों को गिरफ्तार किया था। उसे कैलिफोर्निया से गिरफ्तार किया गया था। काहलों बराड़ और बिश्नोई के साथ काम करता था।
कथित तौर पर उसने मूसेवाला की हत्या के लिए एके 47 राइफल समेत अन्य हथियारों की सप्लाई कराई थी। काहलों गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के लिए भी हथियारों की सप्लाई करने का काम करता था। भगवानपुरिया पर लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और काहलों के बीच कड़ी जोड़ने का आरोप लगा था। भगवानपुरिया और बब्बर खालसा के बीच कनेक्शन होने की बात सामने आई थी। बताते चलें कि हाल ही लॉरेंस बिश्नोई की भूमिका राजस्थान के जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में भी सामने आई थी।