दक्षिण कश्मीर के पुलवामा की सामान्य रूप से शांत रहने वाली गलियां रविवार को उत्सव के रंग में रंग गईं. सैकड़ों लोग एक मजदूर के बेटे तौसीफ अहमद गनी का 'हीरो' जैसा स्वागत करने के लिए सड़कों पर उतर आए. तौसीफ ने इस साल यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की है और वह जिले के पहले आईएएस (IAS) अधिकारी बनेंगे.
गांव वालों, रिश्तेदारों, शिक्षकों और दोस्तों ने उनके गांव की ओर जाने वाली सड़क पर कतारें लगा दीं. यूपीएससी नतीजों के बाद पहली बार घर पहुंचने पर तौसीफ पर फूलों की बरसात की गई और ढोल बजाए गए. भीड़ में कई लोग भावुक हो गए और उनकी सफलता को पुलवामा के लिए एक 'ऐतिहासिक पल' और स्थानीय युवाओं के लिए एक अहम मोड़ बताया.
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सामान्य बैकग्राउंड से आने वाले तौसीफ ने कहा कि उनकी माली हालत ठीक नहीं थी लेकिन दृढ़ संकल्प और परिवार के साथ की वजह से उन्हें सफलता मिली. उन्होंने कहा, 'मेरे पिता ने मजदूरी की ताकि मैं पढ़ाई कर सकूं. आज मैं जो कुछ भी हूं, वह अपने माता-पिता के कुर्बानी और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन की वजह से हूं.'
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उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं से अपने सपनों को न छोड़ने कहा. उन्होंने कहा, 'अगर मैं इस गांव से आकर यह कर सकता हूं, तो कोई भी कर सकता है.'
स्थानीय लोगों ने उनकी उपलब्धि को जिले के लिए गर्व बताया. यह वही जिला है, सफलता की कहानियों के बजाय झड़पों के लिए सुर्खियों में रहा है.
यह अच्छी खबर ऐसे समय में आई है, जब सरकारी एजेंसियां, शैक्षणिक संस्थान और स्थानीय संगठन पूरे क्षेत्र में शिक्षा, खेल और शासन में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं. स्थानीय लोगों ने कहा कि तौसीफ की सफलता छात्रों को प्रोत्साहित करेगी.