जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में एक बार फिर से एक आतंकी हमले की घटना सामने आई है. जिसने घाटी में गैर-स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बता दें कि आतंकियों ने छत्तीसगढ़ से काम के लिए आए दो श्रमिकों को निशाना बनाया. लश्कर आतंकी बट ने सिर्फ दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया. उसने सिर्फ एक इंसान का ही नहीं बल्कि भरोसे और इंसानियत का भी खून किया.
बताया जा रहा है कि वह ईट-भट्ठे पर काम करने वाले श्रमिकों के बीच लगभग 15-20 मिनट तक बैठा रहा. इस दौरान उसने उन श्रमिकों से बात की और उनसे उनका नाम भी पूछा और उन्हें ये विश्वास दिलाया कि वह उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा. मिली जानकारी के अनुसार, उसके पास एक काला बैग था जिसमें उसने एक एसॉल्ट राइफल छिपा रखी थी.
20 मिनट तक की मजदूरों से बात फिर चला दी गोली
जानकारी के अनुसार, करीब 20 मिनट तक बातचीत कर आतंकी ने श्रमिकों का भरोसा जीत लिया. उसने खुद को सुरक्षित बताते हुए ऐसा माहौल बनाया कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ. जब उसे लगा कि सभी पूरी तरह निश्चिंत हो चुके हैं, तब उसने अपना असली चेहरा दिखाया.
कमरे से बाहर निकलते समय उसने प्यास लगने की बात कहते हुए पानी मांगा. जैसे ही एक श्रमिक की पत्नी उसके लिए पानी लेने मुड़ी, उसने मौका देखकर दोनों श्रमिकों पर बेहद करीब से गोलियां बरसा दीं. इस दौरान घटनास्थल पर करीब डेढ़ से दो साल का एक मासूम बच्चा भी मौजूद था. वारदात को अंजाम देने के बाद आतंकी अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया.
पहलगाम हमले में भी आतंकियों ने पर्यटकों की पहचान और उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें निशाना बनाया था. इस मामले में भी हमलावरों ने वैसे ही मजदूरों का नाम पूछा और पूरी साजिश के साथ उनकी हत्या की.
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लतीफ बट के रूप में हुई आतंकी की पहचान
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमलावर की पहचान लतीफ बट के रूप में की गई है, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़ा बताया जा रहा है. जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अपनी राइफल को बैग में छिपाकर रखा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो. घटनास्थल पर पहुंचने के बाद उसने मजदूरों से बातचीत की, उनके बारे में जानकारी ली और माहौल सामान्य होने का इंतजार करता रहा. बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान हमलावर ने मजदूरों से उनकी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी भी पूछी.
हमले की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया. घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां हमलावर के संभावित सहयोगियों और उसके भागने के रास्ते की भी जांच कर रही हैं।.
इस घटना के बाद प्रशासन ने गैर-स्थानीय श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, जबकि प्रवासी मजदूरों के कार्यस्थलों और आवासीय क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है.