'इतना स्लो क्यों'? कोलकाता मामले में सख्त SC, ममता सरकार ने दिया ये जवाब

Kolkata Rape Murder Case : कोलकाता केस के बाद पूरे देश में डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग उठ रही है। सीबीआई लेडी डॉक्टर रेप-मर्डर केस की जांच कर रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से कई तीखे सवाल पूछे।

Mamata Banerjee

Kolkata Doctor Rape Murder Case : सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में हुए लेडी डॉक्टर रेप-मर्डर मामले की सुनवाई हुई। SC ने मामले की सुनवाई करते हुए आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा को लेकर अबतक उठाए गए कदम पर सवाल पूछे। अदालत ने ममता सरकार से पूछा- कब तक काम पूरा हो जाएगा। आइए जानते हैं कि सरकार ने क्या जवाब दिया?

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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा कि हॉस्पिटल में सीसीटीवी कैमरे, शौचालयों और अलग विश्राम कक्षों के निर्माण के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? इस पर ममता सरकार की ओर से बताया गया कि उन्हें निर्माण कार्य पूरा करने के लिए और समय चाहिए, क्योंकि राज्य में बाढ़ की समस्या है और निर्माण सामग्री लाने में परेशानियां हो रही हैं। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में 26 प्रतिशत सीसीटीवी लग गए और शेष कैमरे 10 अक्टूबर तक लग जाएंगे।

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काम इतना स्लो क्यों : SC

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इस पर CJI ने कहा कि अभी तक 50 प्रतिशत से ज्यादा काम नहीं हुआ है, प्रक्रिया इतनी धीमी क्यों है? अदालत 9 अगस्त से मामले की मॉनिटरिंग कर रही है। इस पर ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिया कि 15 अक्टूबर तक अधिकांश कार्य हो जाएगा और 31 अक्टूबर तक काम पूरा हो जाएगा। अदालत ने सॉलिसिटर जनरल से अगली सुनवाई में नेशनल टास्ट फोर्स (NTF) की रिपोर्ट पेश करने को कहा।

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क्यों बन रहा नेशनल टास्क फोर्स?

आपको बता दें कि कोलकाता केस के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों की सुरक्षा पर नेशनल टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया था। अदालत की निगरानी में एनटीएफ बनेगा, जिसमें डॉक्टर शामिल किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।

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