Karishma Mehta: ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की फाउंडर करिश्मा मेहता उस समय विवाद के केंद्र में आई हैं, जब उनके कहानी कहने वाले मंच ने पीपल ऑफ इंडिया (पीओआई) के खिलाफ उसकी सामग्री के कॉपीराइट उल्लंघन के लिए मामला दायर किया था। अब करिश्मा मेहता का अपने संगठन के बारे में जानकारी देते हुए पुराना वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। वीडियो में फाउंडर संस्थापक ने बताया कि ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे का विचार कैसे आया।
अपने ‘संघर्षों’ के बारे में की बात
वीडियो में उन्होंने कहा कि यह विचार ‘अचानक’ आया और इसने उन्हें तुरंत प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से रैंडम रूप से और अप्रत्याशित रूप से मेरे मन में ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे का विचार आया और मैंने इसे शुरू किया और यह सफल हुआ। कुछ नया शुरू करने के लिए वह अवधि अपने आप में एक बड़ी अवधि थी। उन्होंने अपने ‘संघर्षों’ के बारे में भी बात की। उन्होंने खुलासा किया कि कैसे संगठन ने पहले तीन वर्षों तक कोई पैसा नहीं कमाया और वह अपने माता-पिता से मिलने वाली पॉकेट मनी पर निर्भर थीं।
मुंबई में हुआ पालन-पोषण
आपको बता दें कि करिश्मा मेहता एक लेखिका और फोटोग्राफर हैं। वह जनवरी 2014 में लॉन्च हुई वेबसाइट ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की फाउंडर और प्रबंधक हैं, और संबंधित पुस्तक ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की लेखिका हैं। मेहता का जन्म और पालन-पोषण मुंबई में हुआ और उन्होंने माहिम के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल् में पढ़ाई की। उन्होंने दो साल तक बेंगलुरु के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की और फिर तीन साल तक यूके में कॉलेज में पढ़ाई की। 2013 में करिश्मा मेहता यूके के नॉटिंघम में अर्थशास्त्र और बिजनेस के छात्र थीं। उनके पास नॉटिंघम विश्वविद्यालय से बिजनेस और इकोनॉमिक्स में डिग्री है। वह नेशनल ज्योग्राफिक सहित विभिन्न प्रकाशनों के लिए एक स्वतंत्र लेखिका हैं। वह नियमित टीईडीएक्स (TEDx) की प्रस्तोता रही हैं। उन्होंने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान में कई बार लेक्चर दिया है। वह हिंदी, अंग्रेजी और मराठी भाषा में पारंगत हैं।
5 लाख बार देखा गया वीडियो
एक्स पर पोस्ट के जरिये ह्यूमन्स ऑफ न्यूयॉर्क (HONY ) के निर्माता ब्रैंडन स्टैंटन द्वारा स्थिति पर दृष्टिकोण व्यक्त करने के लिए करिश्मा मेहता की इंटरनेट पर आलोचना हो रही है। ब्रैंडन ने उल्लेख किया कि कैसे ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे (HOB ) ने कानूनी चुनौतियों का सामना किए बिना जाहिर तौर पर हनी से प्रेरणा ली थी। स्टैंटन ने अतीत में मुकदमे को माफ करने की इच्छा का भी उल्लेख किया लेकिन अन्य प्लेटफार्मों के खिलाफ मुकदमा दायर करने के निर्णय पर सवाल उठाया। पोस्ट किए जाने के बाद से वीडियो को ट्विटर X पर लगभग 5 लाख बार देखा गया है।
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यूजर्स ने दीं प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया यूजर्स ने मुकदमा करने के लिए करिश्मा मेहता की आलोचना की। वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि अचानक से मैं बच्चों के किरदार बनाने के बारे में सोचता हूं। एक चूहा होगा और दूसरा बत्तख… शायद इसे डिकी और मोनाल्ड कह सकते हैं। एक अन्य यूजर ने मजाक में कहा, “हां, मुझे लगता है कि मैंने अनु मलिक जी से भी ऐसा ही तर्क सुना है। तीसरे यूजर ने लिखा कि जब आप एक झूठ को सैकड़ों बार बोलते हैं, तो वह झूठ की श्रेणी में नहीं आता।” चौथे यूजर ने लिखा कि कैटोगिरिकल इंफ्लूएनसर। गिरा हुआ और उन लोगों को कभी श्रेय न दें जो इसके लायक हैं। और हां, उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ता है। पांचवें यूजर ने लिखा कि अवधारणा और नाम हूबहू ह्यूमन्स ऑफ न्यूयॉर्क की प्रतिकृति बन गए…अरे! कितना स्वादिष्ट संयोग है।
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