Kargil Vijay Diwas: 26वें कारगिल विजय दिवस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध और कारगिल विजय दिवस गौरवशाली भारतीय इतिहास में अंकित रहेगा। भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध में अदम्य शौर्य और पराक्रम की पराकाष्ठा का प्रदर्शन किया था। रणक्षेत्र में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। कारगिल युद्ध के वो 60 दिन आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं। वीर जवानों ने न सिर्फ अपने साहस का परचम लहराया, बल्कि पूरे देश का सिर गौरव से ऊंचा किया।
Kargil Vijay Diwas: 26वें कारगिल विजय दिवस पर द्रास में आयोजित समारोह में पूर्व भारतीय सेना अधिकारी कैप्टन यशिका त्यागी हटवाल भी पहुंचीं। उन्होंने कहा कि मैं इंडियन लॉजिस्टिक विंग की पहली महिला अधिकारी हूं। कारगिल में सबसे ऊंचे पॉइंट पर नियुक्ति हहुई थी। हमारी यूनिट ने सबसे ठंडे एरिया में सशस्त्र बलों को हथियार और गोला-बारूद सप्लाई किए थे। जब यहां नियुक्ति हुई थी तो गर्भवती थी। मेरे साथ मेरा 3 साल से कम उम्र का बच्चा भी था, जबकि मेरे पति द्रास में युद्ध लड़ रहे थे।
Kargil Vijay Diwas: आज कारगिल विजय दिवस पर कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता गिरधारी लाल बत्रा से मीडिया ने बात की। उन्होंने बेटे की शहादत को नमन करनते हुए कहा कि हमारे लिए आज गर्व का दिन है। 26 साल हो गए हैं और हम आज भी वो दिन नहीं भूले हैं। हमारे जवानों ने दुश्मनों को खदेड़ने के लिए अपनी जान कुर्बान की। हमें विक्रम की बहुत याद आती है और यह कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। पहलगाम में पाकिस्तानियों ने बर्बरता दिखाई, जिसका बदला लेना जरूरी था। हमारी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए अच्छा प्रदर्शन किया।
Kargil Vijay Diwas: आज कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ है। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देहरादून में कारगिल युद्ध स्मारक पर पहुंचकर पुष्प अर्पित किए।
Kargil Vijay Diwas: 26वें कारगिल विजय दिवस पर द्रास में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया, जिसे थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि टाइगर हिल, तोलोलिंग और प्वाइंट 4875 के पास खड़े होकर योद्धाओं के बलिदान को याद कर रहे हैं। उन लोगों को नमन है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की। 1999 के कारगिल युद्ध में भारत ने ऑपरेशन विजय के तहत अद्वितीय जीत हासिल की। एक बार फिर सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मन पर निर्णायक जीत हासिल की। ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प, संदेश और प्रतिक्रिया है।
Kargil Vijay Diwas: लद्दाख के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने आज कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को नमन किया। उन्होंने मीडिया से कहा कि वे 26वें कारगिल विजय दिवस पर द्रांस आकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आज का दिन उन वीरों को याद करने का दिन है, कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति दी। आज का दिन भावी पीढ़ियां कभी नहीं भूलेंगी। राष्ट्र हमें सब कुछ देता है तो हमें भी अपना योगदान देना चाहिए। कारगिल के वीर सैनिकों और उनके परिवारों को नमन।
Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस के मौके पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कारगिल के द्रास में युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित करके 1999 में कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि दी।
Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस के मौके पर सेना के तीनों प्रमुखों ने आज दिल्ली में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी, चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कारगिल युद्ध में प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
Kargil Vijay Diwas: आज कारगिल विजय दिवस के मौके पर कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को परिजन श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वीर सैनिकों के परिवारों ने 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल के द्रास सेक्टर में युद्ध स्मारक पर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। बहादुर सैनिकों की नामपट्टिकाओं के साथ उनके फोटो खिंचवाई।
Kargil Vijay Diwas: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन किया। उन्होंने लिखा कि कारगिल विजय दिवस पर उन वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्र के सम्मान की रक्षा करने के लिए अदम्य साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। कारगिल युद्ध में उनका सर्वोच्च बलिदान हमारे सशस्त्र बलों के अटूट संकल्प की एक शाश्वत याद दिलाता है।
Kargil Vijay Diwas: आज कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कारगिल के शहीदों को नमन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को कारगिल विजय दिवस की शुभकामनाएं दी है। कारगिल विजय दिवस हमें मां भारती के उन वीर सपूतों के अप्रतिम साहस और शौर्य का स्मरण कराता है, जिन्होंने भारत मां के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मातृभूमि के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। जय हिंद!
Kargil Vijay Diwas: भारतीय वायु सेना ने आज कारगिल विजय दिवस के मौके पर कारगिल के शहीदों को सलाम किया है। वायुसेना की ओर से एक वीडियो पोस्ट किया गया है, जिसके कैप्शन में लिखा है कि भारतीय वायु सेना की ओर से कारगिल युद्ध के वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका साहस, बलिदान और अटूट संकल्प कृतज्ञता से एकजुट राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।
Kargil Vijay Diwas: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट करके कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। कारगिल विजय दिव वीर जवानों की असाधारण वीरता, साहस और दृढ़ निश्चय का प्रतीक है। राष्ट्र के लिए उनका समर्पण और सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। जय हिंद! जय भारत!
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Kargil Vijay Diwas: केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज कारगिल के द्रास सेक्टर में आयोजित पदयात्रा में भाग लिया। कारगिल विजय दिवस 2025 पर 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए सैन्य कर्मियों की वीरता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पदयात्रा निकाली गई थी।
Kargil Vijay Diwas: 1947 के बंटवारे के बाद से ही भारत-पाकिस्तान के संबंध काफी खराब हैं। पाकिस्तान भारत के खिलाफ साजिश रचता रहता है। ऐसे ही मौके का फायदा उठाते हुए पाकिस्तान ने पहले 1965 में भारत पर हमला किया। फिर 1971 में और तीसरी बार 1999 में पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया। ताजा मामला पहलगाम आतंकी हमले के बाद छिड़ी जंग का है, लेकिन इस बार सीजफायर कर लिया गया। हालांकि सीजफायर कभी भी टूट सकता है, लेकिन वर्तमान में दोनों देशों के रिश्ते बदतर हो चुके हैं, लेकिन 1999 में भारत और पाकिस्तान में जंग क्यों छिड़ी थी?यहां पढ़ें पूरी खबर…
Kargil Vijay Diwas: कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। यह साल 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों की अदम्य वीरता और बलिदान का प्रतीक है। यह युद्ध जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास लड़ा गया, जब पाकिस्तानी सेना और उनके समर्थित आतंकवादियों ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर ऊंची चोटियों पर कब्जा कर लिया था। भारत ने ऑपरेशन विजय के तहत जवाबी कार्रवाई की और टाइगर हिल, तोलोलिंग जैसी सामरिक चोटियों को वापस हासिल किया। इस युद्ध में 527 सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। आइए जानते हैं कि 26 साल पहले कारगिल में कब-कब क्या हुआ था?यहां पढ़ें पूरी खबर…