निर्वाचन आयोग ने के. कविता को उनकी प्रस्तावित पार्टी के नाम तेलंगाना रक्षणा सेना (टीआरएस) की बजाय दूसरा नाम चुनने को कहा है. आयोग की ओर से यह बात पार्टी के नाम पर मिली आपत्तियों के बाद कही गई. इनमें से एक शिकायत कथित तौर पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने कविता की प्रस्तावित पार्टी के नाम और बीआरएस की पुरानी पहचान के बीच समानता को लेकर दर्ज कराई थी.
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बता दें कि कविता ने शुरू में अपनी नई राजनीतिक पार्टी का नाम ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ (टीआरएस) रखने की घोषणा की थी. हालांकि, चुनाव आयोग ने उन्हें सलाह दी कि वे कोई दूसरा नाम चुनें ताकि पुरानी ‘तेलंगाना राष्ट्र समिति’ (टीआरएस) – जिसका नाम बाद में बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर दिया गया था, के साथ कोई भ्रम न हो.
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सूत्रों ने बताया कि एक आपत्ति तेलंगाना राज्य समिति की थी जबकि दूसरी आपत्ति टीआरएस नाम वाले महाराष्ट्र के एक संगठन की ओर से थी. कविता की टीआरएस ने दो आपत्तियों का जवाब दिया है और निर्वाचन आयोग से सभी आपत्तियां उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. सूत्रों के अनुसार, टीआरएस ने कहा है कि वह हर आपत्ति का जवाब देगी. पार्टी अपने नाम के बचाव के लिए कानूनी रास्ता अपनाने पर भी विचार कर रही है.
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चुनाव आयोग ने BRS नेताओं की आपत्तियों के आधार पर के कविता को निर्देश जारी किए हैं. बताया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग को इस नाम और संक्षिप्त रूप ('TRS') को लेकर 1,100 से अधिक आपत्तियां प्राप्त हुई थीं.
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जानकारी के मुताबिक, निर्वाचन आयोग ने के. कविता को 15 दिनों के भीतर अपनी पार्टी के लिए तीन नए वैकल्पिक नाम प्रस्तुत करने को कहा है. अगर वह ऐसा नहीं करती हैं, तो उनकी पार्टी का पंजीकरण आवेदन रद्द किया जा सकता है.
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