Jagdeep Dhankhar On No-Confidence Motion : देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। उन्होंने कहा कि सब्जी काटने वाले चाकू का प्रयोग कभी भी बाईपास सर्जरी के लिए न करें। वह नोटिस सब्जी काटने वाला चाकू भी नहीं था, बल्कि जंग लगा हुआ था।
जगदीप धनखड़ ने कहा कि उपराष्ट्रपति के खिलाफ नोटिस को देखिए… आप चौंक जाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने एक बार कहा था कि बाईपास सर्जरी के लिए कभी भी सब्जी काटने वाले चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये चाकू जंग लगा था और जल्दबाजी थी। जब मैंने उसे पढ़े तो हैरान रह गया, लेकिन मुझे इससे भी ज्यादा आश्चर्य इस बात पर हुआ कि आपमें से किसी ने भी उसे नहीं पढ़ा। अगर आपने पढ़ा होता तो आप कई दिनों तक सो नहीं पाते।
अभिव्यक्ति के अधिकार की आवश्यकता पर जोर
उन्होंने अभिव्यक्ति के अधिकार की आवश्यकता पर भी जोर दिया और इसे ‘लोकतंत्र की परिभाषा’ बताया। उपराष्ट्रपति ने इस विषय पर बोलते हुए कहा कि अगर अभिव्यक्ति को परिभाषित किया जाता है, समझौता किया जाता है या जबरदस्ती के अधीन किया जाता है तो लोकतांत्रिक मूल्य त्रुटिपूर्ण हैं। यह लोकतांत्रिक विकास के खिलाफ है।
उपसभापति ने खारिज किया था नोटिस
आपको बता दें कि उपसभापति हरिवंश ने विपक्ष द्वारा जगदीप धनखड़ के खिलाफ दिए गए अविश्वास प्रस्वताव नोटिस को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि धनखड़ के खिलाफ ‘कथा’ रचने के लिए यह प्रस्ताव पेश किया गया था। उन्होंने कहा कि सही बात केवल यही है कि इस पर 60 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं।