मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका और ईरान के बीच टकराव के बीच भारत सरकार ने संसद में बताया कि इस समय ईरान में करीब 9 हजार भारतीय नागरिक मौजूद हैं। हाल के दिनों में क्षेत्रीय हालात बिगड़ने के बाद भारत सरकार ने वहां रह रहे भारतीयों के लिए कई सुरक्षा उपाय किए हैं।

राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

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मंत्री ने कहा कि ईरान में मौजूद भारतीयों में छात्र, कारोबारी, फैक्ट्री कर्मचारी, तीर्थयात्री, नाविक और मछुआरे शामिल हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, स्थानीय मीडिया पर नजर रखने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी है।

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उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की ओर से 5 जनवरी, 14 जनवरी, 23 फरवरी, 28 फरवरी और 3 मार्च 2026 को एडवाइजरी जारी की गई है। इन एडवाइजरी में भारतीयों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और जो लोग वापस लौटना चाहते हैं उन्हें उपलब्ध साधनों से भारत लौटने की सलाह दी गई है।

सरकार ने यह भी बताया कि जो भारतीय नागरिक देश लौटना चाहते हैं, उनके लिए भारतीय दूतावास अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराने में भी मदद कर रहा है। इसके अलावा किसी भी तरह की परेशानी में फंसे भारतीयों के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम सक्रिय किया है, जबकि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास इमरजेंसी हेल्पलाइन और ईमेल के जरिए भारतीयों की सहायता कर रहा है।

दरअसल, हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य टकराव के कारण पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। इस संघर्ष का असर पड़ोसी इराक़ सहित पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है और कई जगह अमेरिकी ठिकानों तथा क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

क्षेत्र में जारी इस संघर्ष और बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए भारत सरकार लगातार हालात की निगरानी कर रही है और ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

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