ईरान की जेलों में 'टॉर्चर'… कैदियों के कपड़े उतार भीषण ठंड में छोड़ा, दिए जा रहे इंजेक्शन; परिजनों से मांगे गोलियों के पैसे

ईरान से काले बैगों में लिपटे शव, फर्श और स्ट्रेचरों पर लगे लाशों के ढेर और अपने प्रियजनों की तलाश में भटकते परिवारों की तस्वीरें सामने आ रही हैं. खामेनेई सरकार ने विरोध-प्रदर्शन का भारी बल के साथ जवाब दिया.

IRAN PROTEST.jpg

ईरान में दिसंबर के आखिरी सप्ताह में प्रदर्शन शुरू हुए थे.

विज्ञापन

ईरान की सड़कों पर उठती सरकार के खिलाफ आवाज धीमी पड़ती दिख रही है. दिसंबर के आखिरी सप्ताह में शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गए थे. हजारों की संख्यों में प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी, जबकि हजारों अभी भी जेल में बंद हैं. अब ईरानी सरकार जेल में बंद प्रदर्शनकारियों पर जुल्म ढहा रही है. कैदियों के कपड़े उताकतर उन्हें भीषण ठंड में खुले में छोड़ दिया जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कुछ इंजेक्शन भी दिए जा रहे हैं. हालांकि, इन इंजेक्शन के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया जा रहा.

प्रदर्शन को कैसे कुचला

ईरान से काले बैगों में लिपटे शव, फर्श और स्ट्रेचरों पर लगे लाशों के ढेर और अपने प्रियजनों की तलाश में भटकते परिवारों की तस्वीरें सामने आ रही हैं. खामेनेई सरकार ने विरोध-प्रदर्शन का भारी बल के साथ जवाब दिया. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को तैनात किया गया. पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया गया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 5,000 लोग मारे गए हैं, जिनमें करीब 500 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं.

विज्ञापन

जेल में टॉर्चर

यूके के अखबार ‘डेली एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में बंदियों के साथ बेहद बुरा सलूक किया जा रहा है. कैदियों को जेल के आहाते में कपड़े उतारकर कड़ाके की ठंड में खुला छोड़ दिया जा रहा है. इसके बाद पाइप के जरिए कैदियों पर ठंडा पानी छिड़का जाता है. इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली जानकारी सूत्रों के हवाले से बताई गई है कि बंदियों को एक इंजेक्शन लगाया जा रहा है. इस इंजेक्शन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही.

गोलियों के मांगे पैसे

प्रदर्शनों को कैसे कुचला गया है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि कई कस्बों की सड़कों को नगरपालिका के पानी से धोया गया है. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कई क्षेत्रों की हवा में खून की गंध आ रही थी. कई कस्बे तो ऐसे हैं, जहां हर परिवार के किसी एक सदस्य की मौत हुई है. कुछ परिवारों के हवाले से रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उनके रिश्तेदारों को मारने के लिए इस्तेमाल की गई गोलियों के पैसे उनसे मांगे गए हैं.

विज्ञापन

कितने लोगों की हुई मौत?

अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, मौतों की संख्या करीब 5000 हो गई है. संगठन ने कहा कि 26,015 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, ‘ईरान इंटरनेशनल’ ने बताया कि 12,000 लोग मारे गए हो सकते हैं. अमेरिकी ब्रॉडकास्टर सीबीएस न्यूज के मुताबिक, यह संख्या 20,000 तक हो सकती है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ