PM Modi Discussed About Charlotte Chopin: आज 10वां अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में योगासन किए। हालांकि उन्हें डल झील के किनारे योगासन करना था, लेकिन बारिश के कारण उनके प्रोग्राम में बाधा आई। इसलिए जम्मू सरकार ने राज्यस्तरीय योग दिवस समारोह का वेन्यू बदल दिया। शेर-ए-कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (SKICC) में समारोह हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले स्पीच दी और उसके बाद योगासन किए। उनके साथ करीब 7 हजार लोगों ने योगासन किए। वहीं अपनी स्पीच में उन्होंने पद्मश्री चार्लोट चोपिन का खास जिक्र किया। उनके जीवन के बारे में बताते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने को कहा। आइए जानते हैं कि पद्मश्री चार्लोट चोपिन कौन हैं और इनका भारत से क्या कनेक्शन है?
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके बारे में क्या कहा, आइए सुनते हैं…
भारत सरकार ने दिया है पद्मश्री अवार्ड
बता दें कि चार्लोट चोपिन फ्रांस की रहने वाली हैं। वे 101 साल की हैं और 50 साल की उम्र से दुनिया को योग क्रियाएं सिखा रही हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन योग को समर्पित कर दिया है। उनके समर्पण भाव से प्रभावित होकर ही भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्हें इसी साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुमू ने अवार्ड देकर सम्मानित किया था।
चोपिन पेशे से योग शिक्षक हैं। उनका जन्म जर्मनी में हुआ था और वे ब्रिटिश सरकार में बतौर एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी काम कर चुकी हैं। वे अफ्रीका और कैमरून में ही कई साल जीवन के बिता चुकी हैं। उन्होंने एक दोस्त की सलाह पर स्वस्थ रहने के लिए योगासन शुरू कर दिए हैं। योगासन करते-करते उन्होंने इसे जीवन का अहम हिस्सा बनाने और लोगों को इसके लिए जागरूक करने का बीड़ा उठाने का संकल्प लिया। तब से वे दुनिया को योग क्रियाएं सीखा रही हैं।
फ्रांस टूर पर चोपिन से मिले थे PM मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने पद्मश्री चोपिन का जिक्र करते हुए बताया कि जब वे फ्रांस टूर पर गए थे, तब उन्होंने चार्लोट चोपिन से मीटिंग की थी। वे मेंटली बहुत मजबूत हैं। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।