INS Vikrant: आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारतीय नौसना (Indian Navy) ने सोमवार को नया कीर्तिमान बनाया है। नौसेना के पायलटों ने आईएएन विक्रांत (INS Vikrant) पर हल्के भार वाले लड़ाकू विमान (LCA) की सफल लैंडिंग की है। यह स्वदेशी लड़ाकू हैं। साथ ही आईएएनएस विक्रांत भी स्वदेशी है। इससे भारत की विमान और वाहक दोनों को बना सकता है।
नौसेना के प्रवक्ता विवेक मधवाल ने कहा, ‘आईएएनएस विक्रांत पर एलसीए (नौसेना) की लैंडिंग के बाद भारतीय नौसेना द्वारा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया गया है।’
और पढ़िए –Rafale Allegation: PM मोदी का राहुल गांधी पर हमला, बोले- झूठ का पर्दाफाश कर रही HAL की ताकत
INS Vikrant भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट वाहक है।
आईएएनएस विक्रांत से दागी जा सकती है 32 बराक-8 मिसाइल
आईएएनएस विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट वाहक है। इसे 2022 में 2 सितंबर को नेवी में शामिल किया गया था। इसे देश के सबसे बड़े युद्धपोत के तौर पर जाना जाता है। इसका कोचिन शिपयार्ड ने बनाया था। इस युद्धपोत पर 300 विमानों का संचालन किया जा सकता है। इसका वजन 45 हजार टन है। यह समुद्र पर तैरता हुआ एयरफोर्स का स्टेशन है। आईएएनएस विक्रांत से 32 बराक-8 मिसाइल दागी जा सकती है।
और पढ़िए –एशिया के सबसे बड़े हेलीकॉप्टर फैक्ट्री का PM मोदी ने किया उद्घाटन, हर साल बनेंगे 30 हेलीकॉप्टर
भारत के अलावा सिर्फ 4 देश बना सकते हैं युद्धपोत
आईएएनएस विक्रांत की लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर है। इसके निर्माण पर 20 हजार करोड़ रुपए आया था। इसे बनाने में करीब 10 साल लगे थे। इस युद्धपोत में करीब 1600 चालक दल बैठ सकते हैं। अभी तक अमेरिका, रुस, चीन और ब्रिटेन जैसे देश ही युद्धपोत बना सकते हैं। वहीं, हल्के लड़ाकू विमान LCA को हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने बनाया है।
इसके निर्माण पर 20 हजार करोड़ रुपए आया था। इसे बनाने में करीब 10 साल लगे थे।
भारत के पास दो युद्धपोत हैं। पहला आईएएनएस विक्रांत और दूसरा आईएएनएस विक्रमादित्य। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने जनवरी 2020 में, INS विक्रमादित्य पर नेवल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) की सफल लैंडिंग का प्रदर्शन किया था और उसके बाद, पांच दिनों में 18 टेक-ऑफ और लैंडिंग का आयोजन किया गया था।
हालांकि, नौसेना ने वाहक से संचालित करने के लिए एक जुड़वां इंजन वाले विमान की आवश्यकता जताई थी। DRDO ने अब नौसेना LCA के अनुभव पर एक ट्विन इंजन डेक-आधारित फाइटर (TEDBF) विकसित करना शुरू कर दिया है।
यह भी पढ़ें: भारतीय नौसेना में शामिल हुआ INS मोरमुगाओ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताई विध्वंसक युद्धपोत की खूबियां
और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
संबंधित खबरें
यूट्यूबर अमृत सिंह डैरेन पर केरल में क्यों हुई FIR? वीडियो में क्या थे दावे
7 hrs agoएक्ट्रेस उर्मिला सानावर सहारनपुर से गिरफ्तार, अभद्र टिप्पणी का लगा आरोप
7 hrs ago'मर्यादाएं पार कर दीं...' PM मोदी पर खरगे की टिप्पणी पर भड़की BJP
9 hrs agoभुवनेश्वर में पीएम मोदी ने RBI के नए डेटा सेंटर का किया उद्घाटन
9 hrs agoPM मोदी पर खरगे की आपत्तिजनक टिप्पणी, पटना की रैली में युवक ने लगाए थे नारे
11 hrs agoसुखोई, तेजस, किरण..., पीएम मोदी ने वाराणसी में देखा वायुसेना का दमखम
12 hrs agoINDIA ब्लॉक के 1 नवंबर के महारैली प्लान पर BJP का पलटवार, बुलाई बैठक
13 hrs agoनशे के खिलाफ मोदी सरकार का एक्शन, शुरू किया 'ऑपरेशन ट्राइडेंट'
13 hrs agoकरोल बाग में शॉपिंग के लिए निकल रहे हैं तो सावधान, दिल्ली पुलिस का एक्शन
13 hrs ago140KM भयानक स्पीड वाला चक्रवाती तूफान मचाएगा तबाही, बचाव की कैसी है तैयारी?
14 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines