हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: DiwaliIndia blocGyanesh KumarBigg Boss 20

भारतीय नौसेना की ताकत में एक और इजाफा, दुश्मन देश पर हुंकार भरने के लिए तैयार 'तारागिरी'

भारतीय नौसेना को आज एक बड़ी ताकत मिली जब विशाखापट्टनम में INS तारागिरी को बेड़े में शामिल किया गया. अत्याधुनिक हथियारों और स्वदेशी तकनीक से लैस यह युद्धपोत समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देगा.

विज्ञापन
Credit: Social Media

भारतीय नौसेना की ताकत में आज एक और बड़ा इजाफा हो गया है. विशाखापट्टनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने INS तारागिरी को औपचारिक रूप से नौसेना के बेड़े में शामिल किया. इस युद्धपोत के शामिल होने के साथ ही भारत ने आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा की चुनौतियों के बीच INS तारागिरी की एंट्री बेहद अहम मानी जा रही है. यह युद्धपोत न सिर्फ तकनीकी रूप से उन्नत है बल्कि मारक क्षमता के मामले में भी बेहद घातक है.

क्या है खासियत?

करीब 6,700 टन वजनी इस युद्धपोत का निर्माण 75 प्रतिशत से ज्यादा स्वदेशी सामग्री से किया गया है. इसे आधुनिक मॉड्यूलर कंस्ट्रक्शन तकनीक के जरिए तैयार किया गया है, जिससे इसकी मजबूती और कार्यक्षमता दोनों बढ़ जाती हैं. INS तारागिरी की सबसे बड़ी ताकत इसके अत्याधुनिक हथियार हैं. इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल, बराक-8 एयर डिफेंस सिस्टम, 76 मिमी नौसैनिक तोप और पनडुब्बी रोधी टॉरपीडो लगे हुए हैं. इसके अलावा ये हेलीकॉप्टर संचालन में भी सक्षम है और इसमें करीब 225 नौसैनिक तैनात रह सकते हैं. समुद्र के भीतर छिपे खतरों को पहचानने के लिए इसमें HUMSA-NG सोनार सिस्टम लगाया गया है, जो पनडुब्बियों का पता लगाने में मदद करता है. वहीं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए इसमें अजंता और शक्ति सिस्टम लगाए गए हैं, जो दुश्मन के सिग्नल को पकड़कर उन्हें जाम करने की क्षमता रखते हैं.

नौसेना के लिए खास रहेगा साल 2026

सूत्रों के मुताबिक साल 2026 भारतीय नौसेना के लिए बेहद खास रहने वाला है. इस साल अर्नाला क्लास एंटी-सबमरीन कॉर्वेट, एक बड़ा सर्वे पोत और डीप-सबमर्जेंस रेस्क्यू शिप INS निपुण जैसे कई जहाज बेड़े में शामिल होंगे. इससे नौसेना की ताकत और ज्यादा बढ़ेगी. अगर वैश्विक स्तर पर समुद्री ताकत की बात करें तो चीन इस समय संख्या के लिहाज से सबसे आगे है, जिसके पास 350 से ज्यादा युद्धपोत हैं. वहीं अमेरिका के पास करीब 300 जहाज हैं, लेकिन तकनीक और ताकत के मामले में वह सबसे आगे माना जाता है.

विज्ञापन

गेमचेंजर बनेगा ‘तारागिरी’?

रूस लगभग 250 युद्धपोतों के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि भारत 130 से ज्यादा युद्धपोतों के साथ तेजी से अपनी समुद्री ताकत बढ़ा रहा है. वहीं उत्तर कोरिया के पास संख्या तो ज्यादा है, लेकिन तकनीकी रूप से वह अभी भी पीछे है. हिंद महासागर में बढ़ती हलचल के बीच INS तारागिरी की एंट्री भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. ये साफ संकेत है कि भारतीय नौसेना आने वाले समय के युद्ध के लिए खुद को लगातार मजबूत और आधुनिक बना रही है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola