हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

पाकिस्तान को भारत का बड़ा झटका, सिंधु जल संधि पर 'दुश्मन' देश को दोटूक चेतावनी, कहा- 2 शर्तें पूरी करो, दे देंगे पानी

Indus Water Treaty: पाकिस्तान सिंधु नदी के पानी के लिए दुनिया के सामने रोना रो रहा है, लेकिन पानी जिस समस्या के कारण बंद हुआ है, उसका समाधान निकालने पर विचार नहीं कर रहा. अगर पाकिस्तान अपनी जिद पर अड़ा है तो भारत भी संधि को लेकर सख्त रुख अपनाए रखेगा और शर्तें पूरी होने पर ही पाकिस्तान को पानी देगा.

विज्ञापन
अप्रैल 2025 से भारत ने सिंधु जल संधि सस्पेंड की हुई है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि रोक दी और नदी का पानी पाकिस्तान जाने से रोक दिया. अब पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने यह दावा करते हुए रोना रो रहा है कि सिंधु नदी का पानी रुक जाने से देश के कई गांवों में सूखा पड़ा है और लोग प्यासे मर रहे हैं. लेकिन भारत ने संधि और आतंकवाद को लेकर कड़ा रुख अपनाया हुआ है. साथ ही पाकिस्तान को दोटूक चेतावनी दे दी है कि पाकिस्तान अगर दो शर्तें मान ले तो ही उसे राहत मिलेगी और भारत पानी देकर किल्लत दूर कर देगा.

सिंधु जल समझौते पर भारत के कड़े रुख से बौखलाया पाकिस्तान, बिलावल भुट्टो ने दी ‘युद्ध’ की धमकी

आतंकवाद का साथ छोड़े तो मिलेगा सिंधु का पानी

सूत्रों के अनुसार, भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और पाकिस्तान को कह दिया है कि सिंधु जल संधि अब शायद ही अपने पहले वाले स्वरूप में फिर से लागू हो. भारत अब सिंधु जल संधि पर बातचीत में तभी रुचि लेगा, जब पाकिस्तान आतंकवाद की राह और आतंकियों का साथ छोड़ने के लिए राजी होगा. आतंकवाद से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएगा. पाकिस्तान में आतंकवादी खुलेआम घूम रहे हैं. सार्वजनिक कार्यक्रमों में ऐसे नजर आते हैं, जैसे वहां के नागरिक हों और पाकिस्तान ऐसा होने दे रहा है.

विज्ञापन

पाकिस्तान पर विक्टिम कार्ड खेलने का आरोप लगाया

भारत का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेने की बजाय अंतरराष्ट्रीय समर्थन के लिए सिर्फ विक्टिम कार्ड खेल रहा है. लेकिन इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की कोई वैल्यू नहीं है. सिंधु जल संधि के तहत पानी लेने के लिए ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ और न्यूट्रल एक्सपर्ट् के पास जाने से कोई फायदा नहीं है. पाकिस्तान ने जैसा किया है, वैसा ही फल वह भुगत रहा है. अगर पानी की इतनी ही जरूरत है तो पानी को जमा करने के लिए स्टोरेज सिस्टम क्यों नहीं बनाया?

सिंधु जल संधि अब कभी बहाल नहीं होगी, संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

विज्ञापन

क्या है सिंधु जल संधि विवाद और वर्तमान स्थिति?

बता दें कि विश्व बैंक की मध्यस्थता के साथ 9 साल बातचीत करने के बाद सिंधु नदी के पानी का बंटवारा हुआ. भारत और पाकिस्तान ने 19 सितंबर 1960 को सिंधु जल संधि साइन की. समझौते के तहत भारत को पूर्वी नदियों रावी, ब्यास और सतलुज का पानी मिलता है, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी मिलता है. संधि के तहत भारत को उन पश्चिमी नदियों पर प्रोजेक्ट लगाने का अधिकार है, जो पाकिस्तान में बहने से पहले भारत में बहती है. लेकिन पाकिस्तान हमेशा से भारत के प्रोजेक्ट्स का विरोध करता आया है और सिंधु जल संधि के प्रावधानों का उल्लंघन करता आया है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola