ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले कौन? ढूंढ लेगा ड्रोन, ईस्ट कोस्ट रेलवे के 11 'ड्रॉवक आई' तैनात

भारतीय रेलवे ने पटरियों पर पत्थरबाजी, चोरी और घुसपैठ रोकने के लिए आधुनिक ड्रोन निगरानी प्रणाली शुरू की है. ईस्ट कोस्ट रेलवे के 284 स्टेशनों पर तैनात हाई-टेक ड्रोन से सुरक्षा बल 24 घंटे संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रख रहे हैं. थर्मल और नाइट विजन कैमरों से लैस ये ड्रोन भीड़ प्रबंधन और महिला सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.

Indian Railways drone surveillance, East Coast Railway, Railway Protection Force

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब रेलवे ट्रैक, संवेदनशील यार्ड और स्टेशनों की निगरानी के लिए आसमान से ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. Credit AI

भारतीय रेलवे ने ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी, सामान व केबल चोरी और पटरियों पर अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए हाई-टेक तरीका निकाला है. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अब रेलवे ट्रैक, संवेदनशील यार्ड और स्टेशनों की निगरानी के लिए आसमान से ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है. इस पहल से न केवल अपराधों पर रोक लग रही है, बल्कि स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन में भी बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है. ड्रोन की एक टीम 8 से 10 किलोमीटर तक के दायरे की लाइव निगरानी कर सकती है. ईस्ट कोस्ट रेलवे अपनी इस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मार्च 2027 तक ड्रोनों की संख्या 11 से बढ़ाकर 22 करने जा रहा है.

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रेल मंत्रालय के निर्देशों के तहत ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) ने अपने 284 स्टेशनों, 2,708 रूट किलोमीटर और 6,072 ट्रैक किलोमीटर के दायरे में 11 अत्याधुनिक ड्रोन तैनात किए हैं. इस सुरक्षा प्रणाली को ‘ड्रॉवक आई – ऑब्जर्वेशन, डिटेक्शन, प्रिवेंशन’ नाम दिया गया है. इन ड्रोनों को उड़ाने के लिए डीजीसीए (DGCA) से प्रमाणित 160 पायलटों की टीम तैयार की गई है. फिलहाल संबलपुर में 6, खुर्दा रोड में 4 और रायगड़ा डिवीजन में 1 ड्रोन तैनात है.

2026 में भरीं 3 हजार से ज्यादा उड़ानें

1 जनवरी से 15 सितंबर 2026 के बीच आरपीएफ ने तीनों डिवीजनों में कुल 3,033 ड्रोन उड़ानें संचालित की हैं. इनमें से 1,265 अभियान अति-संवेदनशील (RED कोड) श्रेणी के थे, जिनका मुख्य उद्देश्य तोड़फोड़, पटरियों पर पत्थरबाजी, केबल चोरी और आगजनी की घटनाओं को समय रहते रोकना था.

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नाइट विजन और थर्मल कैमरों से लैस

जंगलों, सुरंगों, पहाड़ों और कोरापुट-रायगड़ा-किरंदुल जैसे सुनसान रेल मार्गों पर निगरानी के लिए इन ड्रोनों में नाइट विजन और थर्मल कैमरे लगाए गए हैं. ये रात के अंधेरे में भी संदिग्ध गतिविधियों को पकड़ लेते हैं. पुरी रथ यात्रा 2026 के दौरान भीड़ नियंत्रण और ‘मेरी सहेली’ अभियान के तहत महिला यात्रियों की सुरक्षा में भी इन ड्रोनों ने बेहतरीन भूमिका निभाई है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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